
नीमच। नीमच में आदिवासी युवक को पिकअप बहन से घर सेट कर मारने वाले दबंगों के मकानों को रविवार को पुलिस-प्रशासन ने धराशायी कर दिया। आरोपियों ने करीब तीन करोड़ की 55 हजार 100 वर्ग फीट सरकारी जमीन पर मकान और बाड़ा बना रखा था। टीम ने इसे जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया। साथ ही मृतक के परिवार को 4 लाख 12 हजार 500 रुपए की राहत राशि भी दी।
रविवार काे प्रशासन व पुलिस की टीम ने कान्हा उर्फ कन्हैयालाल भील की हत्या करने वाले 8 आरोपियों के संपत्ति काे ताेड़ने की कार्रवाई की। टीम ने बाजार कीमत अनुसार 2 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपए के अवैध निर्माण को गिरा दिया। टीम ने पाटन, जेतलिया और सिंगोली में कार्रवाई की। अब तक पुलिस गिरफ्त में 5 आरोपी आ चुके हैं।
यह है पूरा घटनाक्रम
नीमच के एसपी सूरज कुमार वर्मा ने बताया कि 26 अगस्त को सुबह करीब 6 बजे छीतरमल गुर्जर ने कान्हा को बाइक से टक्कर मार दी थी। इस दौरान छीतरमल की बाइक पर लदा दूध नीचे गिर गया था। टक्कर लगने पर कान्हा ने पत्थर उठा लिया। इस पर छीतरमल ने अपने रिश्तेदारों को बुला लिया और कान्हा के साथ मारपीट की। इसी दौरान सड़क से एक पिकअप गाड़ी निकली, इसमें रस्सी भी बंधी थी। आरोपियों ने कान्हा के पैर बांधकर पिकअप से उसे 100 मीटर से ज्यादा दूर तक घसीटा। इससे उसकी मौत हो गई थी।
यह हैं आरोपी
छीतरमल (32) पिता जयराम गुर्जर निवासी ग्राम पाटन, महेन्द्र (40) पिता रामचंद्र गुर्जर निवासी घेतलिया, गोपाल (40) पिता लालू गुर्जर निवासी पाटन, लोकेश पिता नारायण बलाई आयात निवासी सिंगोली, लक्ष्मण पिता जयराम गुर्जर निवासी ग्राम पाटन।
दोस्त के साथ पत्नी को तलाशने निकला था कान्हा
एसपी ने बताया, 27 अगस्त को नाइयों की बाबी के रहने वाले गोविंद ने रतनगढ़ थाने में शिकायत की थी। उसने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त की रात 9 बजे उसके गांव में रहने वाले कान्हा उर्फ कन्हैयालाल ने कॉल करके शराब पीने के लिए बुलाया था। जब वह उसके घर पहुंचा, तो कान्हा और उसकी पत्नी दोनों ही घर पर नहीं थे। रात में कान्हा घर लौटा और सुबह करीब 5 बजे गोविंद को जगाकर पत्नी को खोजने की बात कही। इसके बाद गोविंद और कान्हा बाइक से अथवाकला फंटा पहुंचे।
