
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में नाम बदलकर चूड़ियां बेचने वाले 25 वर्षीय तस्लीम अली का नाम पूछ कर उसे पीटे जाने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बाणगंगा पुलिस थाने के प्रभारी राजेंद्र सोनी ने मंगलवार को बताया कि गोविंद नगर में रविवार दोपहर चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली (25) को पीटने वाले समूह में शामिल राकेश पंवार (38), विकास मालवीय (27), राजकुमार भटनागर (37) और विवेक व्यास (35) को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से ताल्लुक रखने वाले चूड़ी विक्रेता से मारपीट के वीडियो के आधार पर लोगों के इस समूह में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
सोनी ने बताया कि 13 वर्षीय स्कूली छात्रा की शिकायत पर चूड़ी विक्रेता के खिलाफ लैंगिक उत्पीड़न और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जालसाजी का मामला दर्ज किया गया था। इस बीच हिंदू जागरण मंच विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शहर के रीगल चौराहे पर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय के सामने जुटे। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा और भगवा झंडे लहराते हुए भारत माता की जय, हिंदुस्तान में रहना होगा, वंदे मातरम कहना होगा। साथ ही जय-जय सियाराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नार लगाए।
सांप्रदायिक टकराव भड़काने का प्रयास: चिदंबरम
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि ‘ये घटनाएं राज्य विधानसभा चुनावों से पहले सांप्रदायिक टकराव भड़काने और ध्रुवीकरण के लिए भूमिका रचने का प्रयास है। पहले गाजियाबाद, कानपुर और अब इंदौर। ये कौन लोग हैं, जिनका यह फैसला करने का हौसला बढ़ा हुआ है कि क्या सही है और क्या गलत है। अगर राज्य के गृह मंत्री भीड़ की हिंसा को उचित ठहराएंगे तो फिर वह गृह मंत्री की कुर्सी पर क्यों बने हुए हैं?’
चुनी हुई सरकारों और उग्रवादी भीड़ों में कोई फर्क नहीं रहा: ओवैसी
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि ‘तस्लीम को एक उग्रवादी भीड़ ने बेरहमी से पीटा। अब पुलिस ने तसलीम के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी। उसका जुर्म ये है के उसने मुसलमान होने के बावजूद चुपचाप जुल्म नहीं सहा। उसको लूटने और मारने वाले अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए। राज्य के गृह मंत्री भी खुल के अपराधियों के लिए बहाने बना रहे है। चुनी हुई सरकारों और उग्रवादी भीड़ों में कोई फर्क नहीं रहा।’
