
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं का जिक्र किया है। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा अच्छे और नेक काम करने चाहिए। बुरे और गलत कामों को करने वालों पर मां लक्ष्मी कभी कृपा नहीं बरसाती हैं। चाणक्य ने एक श्लोक में बताया है कि किन कामों को व्यक्ति को निरोगी काया रहते हुए कर लेने चाहिए-
1. अच्छे और सामाजिक काम- चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति जीवित रहते हुए समाज के हित में काम कर लेने चाहिए। मौका मिलने पर अच्छे और जनकल्याण के लिए कार्य करने से व्यक्ति को सम्मान प्राप्त होता है। जब तक शरीर में रोग नहीं है, तभी तक व्यक्ति जन हित में काम कर सकता है। अच्छे काम करने वालों को सम्मान मिलता है और मृत्यु के बाद भी उन्हें सम्मान के साथ याद किया जाता है।
2. कल पर न टालें काम– चाणक्य नीति के अनुसार, हर काम को समय रहते पूरा कर लेना चाहिए। काम को कल पर टालना अच्छा नहीं होता है। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति का शरीर जब सेहतमंद होता है, तभी व्यक्ति को कार्यों को पूरा कर लेना चाहिए। बाद में व्यक्ति के शरीर को रोग लग जाते हैं और काम करने की क्षमता कम होती जाती है। वह पहले जैसी स्थिति में नहीं रहता है।
3. दान-पुण्य- चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति हमेशा बुरे कामों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। जब तक आपका जीवन निरोगी है, तब तक आपको पुण्य कर लेने चाहिए। इसके साथ ही कभी भी दूसरों के लिए बुरे विचार नहीं लाने चाहिए। आत्मा को शुद्ध करना जरूरी है।
यह आलेख धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।
