
उज्जैन। महाकाल मंदिर देश का पहला मंदिर होगा जिसके लडडू प्रसाद के लिए भारत सरकार की संस्था फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्स अथारिटी आफ इंडिया (एफएसएसएआइ) द्वारा हाइजिन रेटिंग प्रदान की जाएगी।
महाकाल मंदिर की लडडू निर्माण इकाई में स्वच्छता और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है। खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाता है। यहां शुद्ध घी, चना बेसन और ड्रायफ्रूटस से लडडू का निर्माण किया जाता है। इसी प्रकार महाकाल मंदिर के निःशुल्क अन्नाक्षेत्र को भी हाइजिन रेटिंग दी जाएगी। महाकाल मंदिर प्रदेश का पहला और देश का तीसरा मंदिर होगा जिसके अन्नाक्षेत्र को हाइजीन रेटिंग दी जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस देवलिया ने बताया कि भारत सरकार की एफएसएसआइ संस्था देशभर के मंदिरों में बनने वाले प्रसाद व अन्नाक्षेत्र की जांच कर वहां हाइजीन रेटिंग दे रही है। इसके तहत शुक्रवार को एफएसएसएआइ संस्था के आडिटर तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा महाकाल मंदिर की लडडू निर्माण इकाइ चिंतामन व निःशुल्क अन्नाक्षेत्र का निरीक्षण किया। दोनों जगहों के निरीक्षण के बाद अधिकारी व्यवस्था को लेकर संतुष्ट नजर आए।
चना बेसन, शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूटस से बनाए जाते है लड्डू
शुद्धता के लिए दाल खरीद कर निर्माण इकाई पर ही दाल से बेसन तैयार किया जाता है। कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप कराए जाते है। रेगुलर पेस्ट कंट्रोल किया जाता है। कर्मचारियों को खाद्य स्वच्छता और निर्माण की ट्रेनिंग दी जाती है। महाकाल मंदिर की लड्डू निर्माण इकाई पर स्वच्छता और शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है। इकाइ में खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाता है। कर्मचारियों द्वारा लड्डू प्रसाद के निर्माण पैकिंग के दौरान हेड कैप, ग्लोव्स, आदि पहन कर ही काम किया जाता है।
अन्नक्षेत्र को भी मिलेगी रेटिंग
खाद्य अधिकारी देवलिया ने बताया कि इसी प्रकार महाकाल मंदिर के निःशुल्क अन्नक्षेत्र का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। मंदिर के अन्नाक्षेत्र की व्यवस्था भी अच्छी मिली है। महाकाल मंदिर प्रदेश का पहला और देश का तीसरा मंदिर होगा जिसके अन्नाक्षेत्र को हाइजिन रेटिंग दी जाएगी।
