
आज सुबह हबीबगंज स्टेशन के पास कुछ पुलिसकर्मी अचानक सक्रीय हो गए। ऐसे में इन्होने एक व्यक्ति को पकड़ा है। दरअसल, सादी वर्दी में आए ये पुलिसवाले जबलपुर लोकायुक्त पुलिस के थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक रिश्वतखोर इंजीनियर को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
जबलपुर से भोपाल पहुंची लोकायुक्त टीम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभारी कार्यपालन यंत्री ऋषभ कुमार जैन को तीन लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन के बाहर की गई। सिवनी जिला अस्पताल में भवन मरम्मत व उन्नयन का कार्य करने वाले जबलपुर निवासी ठेकेदार चंद्रभान विश्वकर्मा से बिल भुगतान के एवज में जैन ने तीन लाख की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत लेने के लिए कार्यपालन यंत्री जैन ने चंद्रभान को भोपाल बुलाया था। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत में दो लाख रुपये नकद व एक लाख का चेक लेते हुए जैन को पकड़ लिया।
यह है मामला
लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि साईं विहार कॉलोनी सुहागी अधारताल निवासी चंद्रभान विश्वकर्मा ठेकेदार हैं। उन्होंने जिला अस्पताल सिवनी में सुधारात्मक निर्माण कार्य (सिविल और इलेक्ट्रिकल) का ठेका लिया था। करीब 44 लाख के निर्माण कार्य के बदले उन्हें विभाग द्वारा 35 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था। अंतिम बिल भुगतान के लिए उनसे प्रभारी कार्यपालन यंत्री (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वितीय तल सतपुड़ा भवन भोपाल) ने तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत दिए बगैर लंबित बिल का भुगतान करने से कार्यपालन यंत्री जैन ने इनकार कर दिया था। जिसके बाद चंद्रभान विश्वकर्मा ने लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा से शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जैन को रंगे हाथ पकड़ने के निर्देश दिए।
सड़क मार्ग से भोपाल पहुंची ट्रैप टीम
लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर डीएसपी दिलीप झरबड़े, निरीक्षक स्वप्निल दास, कमल सिंह उइके, नरेश बेहरा, भूपेंद्र दीवान, आरक्षक दिनेश दुबे, अमित मंडल, जीत सिंह की टीम का गठन किया गया। टीम के सदस्य सोमवार देर शाम सड़क मार्ग से भोपाल के लिए रवाना हुए। इधर ठेकेदार चंद्रभान भी सोमवार को भोपाल के लिए रवाना हुए थे। मंगलवार सुबह लोकायुक्त टीम ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन के बाहर जाल बिछाया। वहां पहुंचे कार्यपालन यंत्री जैन को ठेकेदार विश्वकर्मा ने जैसे ही रिश्वत में तीन लाख (दो लाख नकद व एक लाख रुपये का चेक) रुपये दिए, घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया।
एक साल से बिल पास करने के लिए दौड़ा रहा था इंजीनियर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल में तैनात प्रभारी एक्जिक्यूटिव इंजीनियर ऋषभ जैन (58) पिछले एक साल से बिल भुगतान के लिए दौड़ा रहा था। ठेकेदार चंद्रभान विश्वकर्मा के मुताबिक, 35 लाख रुपए का बिल अलग-अलग पास हो चुका था। आखिरी के 5 लाख रुपए के लिए ऋषभ जैन परेशान कर रहा था। भुगतान के एवज में 10% कमीशन मांग रहा था। उन्होंने बताया कि एक लाख रुपए वह दे चुका है। तीन लाख रुपए और मांग रहे थे।
भोपाल में अब तक दो मकान मिले
डीएसपी डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि एक्जिक्यूटिव इंजीनियर ऋषभ जैन के चूनाभट्टी और नेहरू नगर में एक-एक मकान है। वहां भी छापे मारे गए हैं। वहां भी उनकी संपत्ति की जांच की जा रही है। शाम तक वहां से भी पूरी रिपोर्ट मिल जाएगी।
