
बिहार में हमेशा ही राजनीतिक गहमा गहमी बनी रहती है और कब किस पार्टी में चला जाए इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता. चिराग पासवान और राजद से राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक की मुलाकात ने सियासी गलियारे में कयासबाजी को जन्म दे दिया है.
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दरअसल यह राजनीतिक पारा तब ऊपर चढ़ा जब राजद नेता श्याम रजक ने दिल्ली में एलजेपी नेता चिराग पासवान से मुलाकात की. दोनों के बीच हुई इस राजनीतिक मुलाकात को इस वजह से ज्यादा अहमियत दी जा रही है क्योंकि यह पहली बार ऐसा जब राजद के किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता ने चिराग से बात की है.
चिराग पासवान से मिलने से पहले श्याम रजग ने एक दिन पहले लालू प्रसाद यादव से भी मुलाकात की थी. उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीरा कुमार से भी मुलाकात की थी. फिलहाल अभी यह तो नहीं पता चल पाया कि राजद नेता श्याम रजक ने किस संबंध में लालू यादव और मीरा कुमार से मुलाकात की. लेकिन ताबड़तोड इन मुलाकातों ने बिहार की राजनीति में गरमाहट ला दी है.
एलजेपी के दो गुटों में बटने के बाद से ही कांग्रेस और राजेडी समेत तमाम राजनीतिक दल चिराग पासवान को महागठबंधन में शामिल करने की कोशिश में लगे हुए हैं. तेजस्वी यादव ने इस बारे में एक बार कहा भी था कि चिराग भाई अब देख लें कि उन्हें क्या करना है. वे आरएसएस की विचार धारा के साथ रहना चाहते हैं या फिर बाब साहेब अंबेडकर ने जो संविधान में कहा है उसके साथ चलना चाहते है. एलजेपी में फूट का जिम्मेदार आरजेडी ने जेडीयू को ठहराया था.

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