
जेपी नड्डा ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में राष्ट्रीय सचिवों के साथ बैठक की है, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर बातचीत होने की उम्मीद जताई जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद व प्रकाश जावडेकर को जल्द ही भाजपा संगठन में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं को संगठन में राष्ट्रीय महासचिव अथवा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उन राज्यों का प्रभार भी सौंपा जा सकता है, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सूत्रों ने कहा कि बीजेपी जल्द ही दोनों नेताओं के लिए नए पदों की घोषणा कर सकती है।
बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल हुए थे।इससे पहले रविशंकर प्रसाद व प्रकाश जावेडकर समेत 12 केंद्रीय मंत्रियों ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था।रविशंकर प्रसार के पास कानून मंत्रालय के साथ साथ सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय था जबकि जावड़ेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ ही पर्यावरण मंत्रालय का दायित्व भी संभाल रहे थे।
बता दें कि अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर पहले भी भाजपा संगठन में अहम भूमिका निभा चुके हैं। वहीं रमेश पोखरियाल निशंक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं जबकि हर्षवर्धन दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके हैं।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में स्थित कार्यालय में संगठन के राष्ट्रीय सचिवों की बैठक बुलाई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा हुई। बैठक करीब एक घंटे तक चली। बैठक के दौरान जेपी नड्डा ने संगठन की गतिविधियों और पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक आवास पर उनसे मुलाकात की और बैठक के बारे में अवगत कराया।
बैठक से पहले जेपी नड्डा ने गोवा का अपना दो दिवसीय दौरा रद्द कर दिया था क्योंकि उनके दिल्ली में अन्य कार्यक्रम था।पार्टी की गोवा इकाई के अध्यक्ष सदानंद शेट तानावडे ने रविवार को यह जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि नड्डा का सोमवार और मंगलवार को गोवा की यात्रा करने और अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की विभिन्न इकाइयों के साथ बैठक करने का कार्यक्रम था।
