
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस ज्वाइन करने से इंकार के बाद भारतीय राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। पीके ने भले ही कांग्रेस ज्वाइन करने से इंकार करने से कांग्रेस के उन बड़े नेताओं को खुश होने का मौका दिया है जो पीके की एंट्री का विरोध कर रहे थे लेकिन विपक्ष को कांग्रेस पर हमलावर होने का मौका जरूर दे दिया है।
भाजपा मध्य प्रदेश के दो बड़े नेताओं ने प्रशांत किशोर के कांग्रेस ज्वाइन करने से इंकार पर चुटकी ली है। मध्य प्रदेश सरकार के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के दो बड़े नेताओं मध्य प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों दिग्विजय सिंह और कमल नाथ को बधाई देते हुए कहा कि आखिर पार्टी ने आपकी बात मान ली।
नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर एक योग्य व्यक्ति हैं और कांग्रेस एक डूबता जहाज है, अब डूबता जहाज में कौन सवारी करना चाहेगा। डॉ नरोत्तम मिश्रा के अलावा मध्य प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने ट्वीट कर इसपर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
विश्वास सारंग ने ट्वीट किया – प्रशांत किशोर ने कांग्रेस जॉइन न करने का फैसला लेकर कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है। पीके का मानना है कि गुट और गिरोह में बटी कांग्रेस को परिवारवाद ही नेस्त-ओ-नाबूद कर देगा। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा लाचार और बेबस कांग्रेस नेतृत्व बहुत मान-मनौव्वल करके जैसे-तैसे पीके को पार्टी की चौखट तक तो ले आई, पर डूबती नाव की सवारी न करने में ही पीके ने अपनी भलाई समझी। इसे बुद्धिमान रणनीतिकार होने का परिचय माना जा सकता है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के ट्वीट को टैग करते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने लिखा – इसे कांग्रेस का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि अनुभवी, गुणवान और बुद्धिमान नेताओं को किनारे करके राजनैतिक प्रबंधको को पार्टी किराए पर बुला रही है और यह प्रबंधक भी कांग्रेस की डूबती लुटिया को देख कर मोहरा बनने से परहेज करते हुए पार्टी में आने से मना कर रहे हैं।
