
मोदी कैबिनेट में पशुपति पारस को बुधवार को मंत्री पद की जगह मिल गई है। पशुपति को फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री का मंत्री बनाया गया है। इधर, मंत्री पद मिलने के बाद चिराग पासवान ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मंत्रिमंडल में जगह मिलने के बाद चिराग ने ट्वीट कर ऐतराज भी जताया है।
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चिराग ने कहा कि पार्टी विरोधी और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देने के कारण एलजेपी से पशुपति कुमार पारस को पहले ही पार्टी से निष्काषित किया जा चुका है। अब उन्हें केंद्रीय मंत्री मंडल में शामिल करने पर पार्टी कड़ा ऐतराज दर्ज कराती है। लोकसभा अध्यक्ष के द्वारा पार्टी से निकाले गए सांसदों में से पशु ति पारस को नेता सदन मानने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी ने माननीय लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उनके फैसले पर पुनः विचार याचिका दी थी जो अभी भी विचाराधीन है।
सांसद चिराग पासवान की ओर से दाखिल याचिका पर उच्च न्यायालय में 9 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना है। याचिका में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधि और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देने के कारण लोक जनशक्ति पार्टी ने पहले ही पशुपति कुमार पारस को पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके साथ ही कहा है कि सांसद पारस लोजपा के सदस्य नहीं हैं। याचिका में यह भी कहा गया है लोजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 75 सदस्य हैं और इनमें से 66 सदस्य हमारे (चिराग गुट) के साथ हैं और सभी ने हलफनामा दिया है। सांसद चिराग ने कहा है कि उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के पास कोई ठोस आधार नहीं है और हमारे दल के सदस्य नहीं है।

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