
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहनपुरी इलाके में नौवीं कक्षा की नाबलिग छात्रा के साथ गैंगरेप और अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुदकमा दर्ज कर लिया है। आरोप यह भी है कि आरोपियों में से एक युवक की माँ पुलिस विभाग में है जिसके चलते पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है।
दरअसल, मेरठ के मोहनपुरी इलाके में अशोक कुमार अपने परिवार सहित रहते है। अशोक कुमार के परिवार का उनके पड़ोसी शिवम और आकाश के घर आना जाना था। इसी दौरान आकाश और शिवम ने उनकी नौवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ दोस्ती की और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया है। इतना ही नहीं दोनों आरोपियों ने छात्रा की अश्लील क्लिप भी बना ली। उसके बाद दोनों आरोपियों ने अश्लील क्लिप के जरिये छात्रा को ब्लेकमैल करना शुरू कर दिया। पिछले पांच महीने से दोनों युवक छात्रा का यौन शोषण कर रहे थे।
हद तो तब हो गई जब दोनों आरोपियों ने अश्लील वीडियो क्लिप के जरिे बलैकमेल करके छात्रा को स्कूल जाने से रोक लिया और उसे अपने साथ नहीं गुमनाम जगह पर ले गए और अपने तीसरे साथी मन्नू से भी छात्रा का शोषण कराया। खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में तीनो आरोपी छात्रा को छोड़कर भाग गए। होश में आने के बाद छात्रा ने स्थानीय लोगों की मदद से अपने घर पहुंची और आपबीती परिजनों को बताई। समाज में बदनामी के डर से परिजनों ने दो दिनों तक इस घटना के बारे में कोई जिक्र नहीं किया, लेकिन दो दिन बाद जब छात्रा की हालत बिगड़ने के बाद परिजनों ने थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
मुदकमा दर्ज होने की सूचना मिलने के बाद आरोपी पक्ष के लोग पीड़ित परिजनों पर ही फंसाने का दबाव बना रहे हैं और समाज में बदनामी हवाला भी दे रहे है। इतना ही नहीं तीसरे आरोपी मन्नू पक्ष के लोगो का कहना है उसकी माँ खुद पुलिस फ़ोर्स में है ऐसे में मन्नू को कुछ नहीं होने वाला है। ऐसे में सवाल उठता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी और डीजीपी जहां महिला सुरक्षा सप्ताह मनाकर महिला सुरक्षा को गंभीरता से देख रहे है वही मेरठ पुलिस डीजीपी और मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फेर रही है।
