
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में हनीट्रैप गैंग चलाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गैंग में मध्य प्रदेश पुलिस के तीन लोग भी शामिल थे, जिन्हें एसपी ने निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने वालों में दो पुरुष पुलिस वाले और एक महिला पुलिसकर्मी है। तीनों पर आरोप है कि ये एक महिला का सहारा लेकर वीडियो और तस्वीर की मदद से अलग-अलग लोगों को ब्लैकमेल कर रहे थे।दरअसल होशंगाबाद जिले के एक थाना में ब्लैकमेल करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। मामले में महिला कॉन्स्टेबल सहित कॉन्स्टेबल और एक महिला कर्मचारी को दबोचा गया है। यह पुलिसकर्मी महिला के साथ मिलकर हनी ट्रैप का गैंग चला रहे थे। गैंग में शामिल सुनीता ठाकुर युवाओं को होटल लेकर जाती थी और वीडियो और फोटो शूट कर दी थी। इसके अलावा पुलिसकर्मी युवाओं को डरा धमका कर उनसे पैसे वसूलते थे।
ऐसे जाल में फंसाता था हनी ट्रैप गैंग
पुलिस जांच में पता चला है कि भोपाल के मंडीदीप की रहने वाली महिला अमीर पुरुषों पर डोरे डालती थी और उन्हें अपने जाल में फंसा लेती थी। आरोप है कि होटल में बुलाकर महिला अमीर पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने को भी राजी हो जाती थी, जिसके बाद वह उनका वीडियो बना लेती थी।इसके बाद एमपी पुलिस के ये तीनों जवान जांच की बात कहकर महिला की जाल में फंसने वाले शख्स को पूछताछ और जांच के नाम पर बुलाते थे। इस दौरान मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पैसे वसूलते थे।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिसकर्मियों ने गैंग में शामिल महिला को वसूली में कम रुपए दिए। महिला की शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू करते हुए एसपी ने तीनों को निलंबित कर दिया है।जांच टीम ने तीनों पुलिसकर्मियों को अरेस्ट कर लिया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में डीएसपी महिला सेल प्रभारी आशुतोष पटेल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। थाने में ब्लैकमेलिंग, 7 आवेदन का कोई रिकॉर्ड कोतवाली में उपलब्ध नहीं है ब्लैकमेलिंग के जरिये महिला पुलिसकर्मियों द्वारा युवाओं से रुपए वसूले जाते थे।
आरोप है कि इस हनीट्रैप गैंग ने अब तक कई लोगों को लाखों का चूना लगाया है।पुलिस थाने में चल रहे इस ब्लैकमेलिंग के खेल का पांच महीने से जारी था। जहां महिला युवक को बुलाकर होटल रूम ले जाती थी और वहां वीडियो और फोटो निकलवाती थी। वहीं पुलिस को बुलाकर युवकों को ब्लैकमेल करने का काम किया जाता था। युवक से 20000, 50000, 80000 तक रुपए लिए जाते थे।
होशंगाबाद के एसपी संतोष गौर ने बताया कि एक शिकायत आई थी कि कुछ पुलिसकर्मी एक महिला के साथ मिलकर कुछ लोगों को ब्लैकमेल किया है। शिकायत की जांच में पाया गया कि महिला को माध्यम बनाकर थाना कोतवाली में पदस्थ सब इंस्पेक्टर, प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक मिलकर विक्टिम को बुलाते और मामले को रफादफा करने के एवज में मोटी रकम वसूलते थे।मामले में एसपी संतोष सिंह गौर का कहना है कि ब्लैकमेल के नाम आने के बाद तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। सुनीता ठाकुर सहित तीनों पुलिसकर्मियों के मोबाइल डिटेल की जांच की जा रही है गैंग में कौन-कौन शामिल है। इस बात का जल्द पता लगाया जाएगा। वही इस गिरोह में शामिल हेड कॉन्स्टेबल ज्योति मांझी और कॉन्स्टेबल मनोज वर्मा दोनों रिश्ते में भाई बहन है। लंबे समय से दोनों होशंगाबाद मुख्यालय में ही तैनात है। इसके साथ ही साथ ज्योति मांझी के पति पुलिस में ही है।
