
नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 43 हजार केस सामने आए हैं। ये आंकड़े धीरे धीरे कम हो रहे हैं इसके साथ ही न्यू वैक्सीनेशन पॉलिसी के अमल में आते ही 21 जून को पूरे देश में करीब 85 लाख लोगों का टीकाकरण हुआ जो अब तक का सर्वाधिक है। 21 जून को टीकाकरण की प्रगति पर पीएम नरेंद्र मोदी ने वेलडन इंडिया लिखकर ट्वीट किया। राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना टीकाकरण पर श्वेत पत्र लाना सरकार के खिलाफ सवाल उठाना नहीं है। बल्कि यह तीसरी लहर को लेकर सरकार को सचेत करने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से गरीबों को आर्थिक मदद दी जानी चाहिए और कोविड प्रभावित परिवारों को मदद देने के लिए कोविड मुआवजा कोष स्थापित करना चाहिए।
श्वेतपत्र का मतलब सरकार पर उंगली उठाना नहीं
राहुल गांधी ने कहा, “इस श्वेत पत्र का लक्ष्य सरकार पर अंगुली उठाना नहीं है. हम सरकार की गलतियों का उल्लेख इसलिए कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में गलतियों को ठीक किया जा सके. पूरा देश जानता है कि कोरोना की तीसरी लहर आने वाली है. इसलिए हम फिर कह रहे हैं कि सरकार को तीसरी लहर की पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए. अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड और दवाओं का पहले से इंतजाम कर लेना चाहिए. दूसरी लहर की भी वैज्ञानिकों ने पहले चेतावनी दी थी. उस समय सरकार को जो कदम उठाना चाहिए था, जो व्यवहार होना चाहिए वह देखने को नहीं मिला. इसके बाद दूसरी लहर का हम सब पर असर हुआ.”
श्वेत पत्र में चार मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया
- इसका उद्देश्य इस बात पर उंगली उठाना नहीं है कि उन्होंने क्या गलत किया।
- डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने दूसरी लहर की चेतावनी दी है। सरकार नहीं चाहती थी कि उसे करना चाहिए था। और परिणामस्वरूप पूरी दुनिया ने देखा कि हम क्या कर रहे हैं।
- अब तीसरी लहर आने वाली है। इसलिए हम कह रहे हैं कि सरकार को तीसरी लहर की तैयारी करनी चाहिए।
- चौथा बिंदु पहली और दूसरी लहर की गलतियों के कारणों का पता लगाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आगे यह गलतियां नहीं हों.’’
छोटे व्यवसायियों की मदद के लिए आगे आने की जरूरत
यह स्पष्ट है कि कोविड की पहली और दूसरी लहर का प्रबंधन विनाशकारी था, और हमने इसके पीछे के कारणों को इंगित करने का प्रयास किया है। मैं यहां तक कहूंगा कि कोविड-19 की तीसरी लहर के बाद भी लहरें हो सकती हैं क्योंकि वायरस उत्परिवर्तित हो रहा है।हमें छोटे व्यवसायों, गरीब लोगों को सीधे धन सुनिश्चित करके उनका समर्थन करना चाहिए।उन परिवारों के लिए एक कोविड मुआवजा कोष बनाया जाना चाहिए, जिन्होंने कोविद के लिए अपने एकमात्र कमाने वाले को खो दिया।
केवल एक दिन ही नहीं हर रोज बड़ी संख्या में टीके लगना चाहिए
एक दिन में रिकॉर्ड टीकाकरण पर राहुल गांधी ने कहा, ‘वैक्सीनेशन की कल से अच्छी शुरुआत हुई. लेकिन केवल एक दिन ही नहीं हर रोज बड़ी संख्या में टीके लगना चाहिए. आखिर वैक्सीनेशन से ही कोरोना हार सकता है. कोरोना पर सरकार को अपनी गलतियां भी सुधारनी होगी. कोरोना सिर्फ बायोलॉजिकल बीमारी नहीं है बल्कि इकोनॉमिकल सोशल बीमारी है इसलिए सरकार को गरीब लोगों को आर्थिक सहायता देनी की जरूरत है.’
राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘शायद हिंदुस्तान एकमात्र ऐसा देश है जहां वैक्सीन के लिए पैसा लिया जा रहा है. ये समय अपनी वाहवाही करने का नहीं है. जब कोरोना पूरी तरह से खत्म हो जाए तो आप अपनी वाहवाही कीजिए. कोविड देश में बहुत जबरदस्त नुकसान पहुंचाएगा. पहली लहर के पहले मैंने बोला, दूसरी लहर के पहले मैंने बोला, अब तीसरी लहर से पहले बोल रहा हूं. इसलिए पूरी तैयारी आज से ही शुरू हो जानी चाहिए.’
80 लाख टीकाकरण से खुश लेकिन हमने भी..
हम कल 80 लाख टीकाकरण से खुश हैं। लेकिन सबसे ज्यादा टीकाकरण पोलियो कार्यक्रम के दौरान हुआ था, 17 सीआर किया गया। यह अलग बात है कि मनमोहन सिंह ने तब उनके पोस्टर नहीं लगाए थे।हाँ, कल अच्छा काम हुआ है। लेकिन यह एक घटना नहीं है, यह एक प्रक्रिया है। हमें इस काम को लगन से करना है और इस प्रक्रिया को सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि हर रोज तब तक काम करना है जब तक हम सभी का टीकाकरण नहीं कर लेते।
