
शनिवार की रात ग्वालियर की लक्ष्मीगंज थोक सब्जी मंडी में भीषण आग लग गई। आग में 30 दुकानें जलकर राख हो गई हैं।घटना का पता उस समय लगा जब आग की लपटें मंडी से बाहर निकलने लगीं। आग लगते ही मंडी के आसपास रहने वाले लोगों में भगदड़ मच गई। आग की खबर लगते ही दुकानदार भी मंडी पहुंच गए। मंडी समिति और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां एक-एक कर पहुंचने लगीं और करीब सात गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड ने बहुत मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है, जबकि कोरोना कर्फ्यू के कारण मंडी खाली थी। इसलिए कोई जनहानि की सूचना नहीं है। वहीं दुकानदार अग्निकांड के पीछे मंडी समिति पर साजिश का आरोप लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि मंडी समिति काफी समय से व्यापारियों को यहां से हटाना चाहता है।
फायर ब्रिगेड के नोडल अधिकारी अतिबल सिंह यादव के मुताबिक करीब 25 से 30 दुकानों में आग लगी है। दुकानें लकड़ी के फट्टियों से बनी हुई थी, लकड़ी के काउंटर भी रखे हुए थे इसलिए आग ने जल्दी बड़ा रूप ले लिया। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने मशक्कत कर आग पर काबू पा लिया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। किस्मत से इस समय कोरोना के चलते मंडी नहीं लग रही हैं नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
व्यापारियों का आरोप
मंडी में व्यवसाय करने वालों का आरोप है कि आग साजिशन लगाई गई है। दुकानदारों ने मंडी समिति पर साजिश के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मंडी समिति दुकानें खाली करने के लिए दबाव बना रही है। उसने 3 जून तक दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। इसलिए इस अग्निकांड की जांच की जा जानी चाहिए।

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