
मध्य प्रदेश कोरोना संक्रमण से पहले से ही परेशान था और उसके बीच एक और नए संक्रमण ने प्रदेश में दस्तक दी है जिसका नाम है म्यूकरमायकोसिस यानी ब्लैक फंगस जो कुछ दिनों से प्रदेश में लोगों को अपना शिकार बना रहा है। जिसके मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के साथ बैठक की और इस नए संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए साथ ही कहा कि ब्लैक फंगस के शिकार हुए जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर है उनका इलाज नि:शुल्क किया जाएगा। चौहान ने ये बयान भोपाल में एक हाई लेवल बैठक की अध्यक्षता करते हुए किया, जिसमें कोरोना मरीजों के सामने आ रहीं ताजा चुनौतियों पर चर्चा हुई।
ब्लैक फंगस के लक्षण
- नाक बंद होना
- आंख और नाक के पास दर्द और लाल होना
- बुखार, सर दर्द, खांसी
- सांस फूलना और खून की उल्टियां होना
- मानसिक रूप से अस्वस्थ होना
- कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा होना
फंगल इनफेक्शन पर बोलते हुए, राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विस्वाश कैलाश सारंग ने कहा, “हम हाई अलर्ट पर हैं।” पहले चरण में, हम गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में स्पेशल ट्रीटमेंट यूनिट्स स्थापित करेंगे। इन विशेष वार्डों में प्रत्येक में दस बेड की क्षमता होगी।
👉👉👉 जबलपुर से विभिन्न रूटों पर संचालित रीवा इंटरसिटी सहित 6 स्पेशल ट्रेनों का संचालन निरस्त.
मंत्री ने भोपाल में सरकार द्वारा संचालित हमीदिया अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें डॉ. मनोज जैन और डॉक्टरों की एक टीम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अमेरिका में अपने समकक्षों के साथ बातचीत की ताकि संक्रमण के प्रसार की जांच के लिए कदम उठाए जा सकें।
👉👉👉 जन-सहयोग से कोरोना संक्रमण को रोकने में सफल होंगे : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान.
प्रदेश में अब तक 50 मरीज संक्रमित
शिवराज ने बताया कि प्रदेश में ब्लैक फंगस की घटनाएं लगातार सामने आ रही है जो भयानक है, यह एक चिंता का विषय है इसमें मुंह, दांत, नाक, आंख, मस्तिष्क और बाकी अंक भी संक्रमित हो जाते हैं अभी तक प्रदेश में 50 मरीजों की पुष्टि हुई है। कोरोना के बाद ये गंभीर बीमारी सामने आई है यह हमारी जिम्मेदारी है कि उसका इलाज भी हमें ही सुनिश्चित करना है।
आर्थिक रूप से कमजोरों का होगा फ्री इलाज
मुख्यमंत्री शिवराज ने अधिकारियों से बैठक में इस बीमारी के इलाज के प्रोटोकॉल जारी करने के निर्देश दिए साथ ही बीमारी से जुड़ी सारी जानकारियां और सावधानियां जनता को बताने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इलाज के प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार सुनिश्चित किया जाए। वही उपचार भी महंगा होता है, इंजेक्शन महंगे लगते हैं, इसलिए मामले में राज्य शासन पेशेंट को भरपूर सहयोग करेगा जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और उन्हें नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने आहे कहा कि अगर शुरुआत में ही इस देना आवशयक है इसका इलाज संभव है।
