
हमीदिया अस्पताल में लगातार दूसरे कोरोना मरीज के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है।मंगलवार सुबह 11.30 बजे अस्पताल के डी-ब्लॉक के छठवें फ्लोर पर ए ब्लॉक आईसीयू में भर्ती 85 वर्षीय गणपत सिंह बलोदिया ने शौचालय को अंदर से बंद कर अपने गमछे से गले में फांसी लगाकार आत्महत्या करने का प्रयास किया। शक होने पर वार्ड ब्याय ने डॉक्टरों को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर गणपत सिंह को तुरंत बाहर निकाला, लेकिन इलाज के दौरान शाम 4 बजे उनकी मौत हो गई।
👉👉👉 सीधी पुलिस की बड़ी लापरवाही चोरी का आरोपी पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार, अब तलाश में जुटी पुलिस.
जानकारी के अनुसार शाजापुर निवासी गणपत सिंह बलोदिया को हमीदिया अस्पताल में कोविड पॉजिटिव आने के बाद 5 मई को भर्ती किया गया था। उनको डी-ब्लॉक के छठवें फ्लोेर के ए ब्लॉक आईसीयू में भर्ती थे। अस्पताल के अधीक्षक लोकेन्द्र दवे ने बताया कि मंगलवार सुबह 11.30 बजे के आसपास मरीज शौचालय गया था। मरीजों को अधिकतर शौचालय का गेट बंद न करने के लिए कहा जाता है। वहां पर वॉर्ड ब्वाय तैनात रहते है। सुबह मरीज ने शौचालय में जाने के बाद गेट लगा लिया, यह देखकर वॉर्ड ब्वाय ने डॉक्टरों को सूचना दी गई। मरीज को बाहर से आवाज देने के बावजूद उसने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। मरीज ने अपने गमछे से गले में गांठ बाधकर आत्महत्या का प्रयास किया गया। उसे तुरंत डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और वेंटिलेटर पर लिया। इलाज के दौरान मरीज की शाम 4 बजे मौत हो गई।अस्पताल के अधीक्षक लोकेन्द्र दवे ने बताया कि मरीज गणपत सिंह बुजुर्ग थे। वह इलाज में सहयोग भी नहीं कर रहे थे।
एक दिन पहले भी डी-ब्लॉक के ही छठवें फ्लोर के बी ब्लॉक से खिड़की तोड़कर मरीज नीचे कूद गया था, जिसकी मौत हो गई थी।
