
कोविड मरीजों से निजी अस्पताल तय रेट से अधिक राशि की वसूली कर रहे हैं. भोपाल कलेक्टर ने शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे. कुछ अस्पतालों में जांच के दौरान बिल में गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है.
भोपाल : मरीजों की तरफ से भोपाल जिला प्रशासन को लगातार शिकायत मिल रही थी कि प्राइवेट अस्पताल पैसा ज्यादा ले रहे हैं. इन्हीं शिकायतों पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भोपाल के चार प्राइवेट अस्पतालों की जांच की थी.जांच के दौरान बिल में गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है. उसके बाद रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की कार्रवाई शुरू हुई है.दो अस्पतालों को मरीजों को रुपये भी लौटाने पड़ रहे हैं.
भोपाल कलेक्टर अविनाश लावनिया को शिकायत मिली थी कि शहर के कुछ अस्पताल मरीजों से ज्यादा पैसा वसूल रहे हैं. उसके बाद कलेक्टर ने एसडीएम को इन अस्पतालों में औचक निरीक्षण के निर्देश दिए थे. साथ ही जांच की बात कही थी. जांच के दौरान कोलार एसडीएम ने पाया कि अस्पताल मरीजों से निर्धारित रेट से 40 फीसदी अधिक राशि वसूल रहे हैं.
सूत्रों ने बताया कि अस्पताल ने चार मरीजों के 1.52 लाख रुपये लौटाए हैं, इन लोगों से इलाज के बदले अधिक रुपये लिए गए थे. इसके बाद सीएमएचओ और स्वास्थ्य अधिकारियों के इन दोनों अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के निर्देश दिए गए हैं. एक अस्पताल में भोपाल के कोलार इलाके में है और दूसरा होशंगाबाद रोड पर स्थित है. इन अस्पतालों में मरीज से अधिक रुपये लिए जाते थे. मरीज के परिजनों को बिना जानकारी दिए कई प्रकार के पैथोलॉजिकल टेस्ट बिल में जोड़ दिए जाते थए. इसमें ज्यादातर टेस्टों की कोई जरूरत नहीं होती थी.
सूत्रों ने बताया कि ऐसे अस्पतालों पर सरकार की तरफ से कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
