
केंद्र सरकार के प्रिसिंपल साइंटिफिक अडवाइजर विजय राघवन के मुताबिक, इन्फेक्शन के बाद शरीर में सक्रिय हुए एंटीबॉडीज और वैक्सिनेशन के बाद पैदा हुई इम्युनिटी के बाद भी खतरा मौजूद रहेगा। कोरोना अपना रूप बदलेगा। हमें इसकी तैयारी करनी होगी और वैक्सीन को भी अपडेट करने की जरूरत होगी।
पूरा देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कहर से कराह रहा है। अस्पताल भरे पड़े हैं। मरीजों को बेड नहीं मिल रहे। बेड मिल भी गए तो मेडिकल ऑक्सिजन मिल जाए, इसकी गारंटी नहीं। ऑक्सिजन की कमी से मरीज दम तोड़ रहे। अस्पतालों में रेमडेसिविर जैसी दवाइयां नहीं हैं, मरीजों के परिजनों को इसके लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। गुहार लगानी पड़ रही है। अब तो देश के प्रिंसिपल साइंटिफिक अडवाइजर विजय राघवन ने तीसरी लहर की भी भविष्यवाणी कर दी है। उनके मुताबिक इसे आने से कोई रोक नहीं सकता। वैसे दिल्ली में अभी कोरोना की चौथी लहर चल रही है लेकिन देशभर में दूसरी।
केंद्र सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने कहा है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर भी आएगी। लेकिन यह नहीं पता कि यह कब आएगी। लेकिन हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की दूसरी लहर इतनी भीषण और लंबी होगी, इसका अनुमान नहीं लगाया गया था। के विजय राघवन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वायरस के अधिक मात्रा में सर्कुलेशन हो रहा है और तीसरा चरण आना ही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह कब आएगा। हमें नई लहरों के लिए तैयारी करनी चाहिए। वैज्ञानिक सलाहकार ने यह भी कहा कि वायरस के स्ट्रेन पहले स्ट्रेन की तरह की फैल रहे हैं। इनमें नई तरह के संक्रमण का गुण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वेरिएंट्स के खिलाफ वैक्सीन प्रभावी हैं। देश और दुनिया में नए वेरिएंट्स आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एक लहर के खत्म होने के बाद सावधानी में कमी आने से वायरस को फिर से फैलने का मौका मिलता है।
