देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं क्लास की परीक्षा रद्द कर दी गई है. वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है 1 जून को करोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए बोर्ड द्वारा नया शेड्यूल तैयार किया जाएगा।बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा मंत्री और मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें ये फैसला लिया गया है.
देश में कोरोना की मौजूदा हालात के बीच परीक्षाओं पर लगातार सरकार पर हमलावर रही कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है. सरकार ने सीबीएसई दसवीं की परीक्षा रद्द करने और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है. इस पर कांग्रेस ने कहा है, ‘बढ़िया काम किया, मोदी जी, राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी के ठोस सुझाव को सुना. कांग्रेस पार्टी देश में सुधार के लिए काम करती ही रहेगी. यह हमारा लोकतांत्रिक कर्तव्य है कि हमारे लोगों की बेहतरी के लिए मिलकर काम करें. यह देखकर अच्छा लगा कि भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार देश को अहम से ऊपर रखा.’
बता दें, केंद्र सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी है जबकि 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया है. पीएम मोदी के नेतृत्व में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा सचिव तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में बुधवार को हुई एक बैठक में यह फैसला लिया गया.

ऑनलाइन एग्जाम का विकल्प नहीं-
शिक्षा मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि शॉर्ट नोटिस पर ऑनलाइन एग्जाम कराना संभव नहीं है। इतनी जल्दी छात्र अपने आपको ऑनलाइन पैटर्न के लिए कैसे तैयार करेंगे। ऐसे में एग्जाम ऑनलाइन करवाना और इन्हें कैंसल करने जैसे विकल्प संभव नहीं। ये फैसले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की बुधवार दोपहर करीब घंटे भर चली बैठक में लिया गया। इससे पहले कई नेता और राज्य सरकारें CBSE की बोर्ड परीक्षाएं टालने की मांग
कर चुके थे। कहा जा रहा है कि बैठक में अधिकारियों का सुझाव था कि 12वीं और 10वीं दोनों की परीक्षाएं टाली जाएं। लेकिन प्रधानमंत्री ने सबके सुझाव सुनने के बाद कहा कि बच्चे पहले ही कोरोना में बहुत नुकसान और परेशानी झेल चुके हैं। ऐसे में 10वीं की परीक्षाओं को रद्द किया जाना चाहिए और 12वीं को परीक्षा को टाला जाना चाहिए।
विपक्ष ने सरकार के फैसले का स्वागत किया-
सरकार के फैसले के बाद प्रियंका गांधी ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘खुशी है कि सरकार ने आखिरकार 10वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, हालांकि, उसे कक्षा 12वीं को लेकर भी आखिरी फैसला लेना होगा. जून तक बच्चों को दबाव में रखने का कोई तुक नहीं बनता है. यह न्यायसंगत नहीं है. मैं सरकार से आग्रह करती हूं कि वो 12वीं की परीक्षाओं पर भी अभी फैसला लें.’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम मोदी सरकार के फैसला पर ट्वीट किया है, ‘बोर्ड परीक्षा रद्द किया जाना छात्रों और माता पिता के लिए बड़ी राहत है.’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीबीएसई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी.
बुधवार सुबह ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार से आग्रह किया था कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर देना चाहिए.
उन्होंने ट्वीट किया था, ‘मैंने पिछले दिनों से सीबीएसई के कई छात्र-छात्राओं की बात सुनी है. कोरोना की दूसरी लहर की भयावह स्थिति में कोई चर्चा बच्चों के स्वास्थ्य व सुरक्षा पर चर्चा के बिना अधूरी है. प्रधानमंत्री जी, शिक्षामंत्री जी, छात्र-छात्राओं के मन की बात सुनो. जिद्द छोड़ो और परीक्षाओं को रद्द करो.’।
