
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी 292 में से 213 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है
पहला मौका है जब लगातार तीसरी बार बंगाल में टीएमसी की सरकार बनी है. ममता बनर्जी ने सुबह 10.45 बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. कोरोना के चलते शपथ ग्रहण समारोह में कुछ ही लोग उपस्थित थे. शपथ लेने के बाद उन्होंने घोषणा की है कि राज्य में कोविड की स्थिति को संभालना और चुनाव के बाद की हिंसा और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटना उनकी प्राथमिकता होगी.ममता आज तीसरी बार बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। ये दूसरा मौका है जब ममता बंगाल विधानसभा की विधायक नहीं होने के बाद भी प्रदेश की कमान संभाल रही हैं। इससे पहले 2011 में जब ममता पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं तो वो लोकसभा सांसद थीं।
इस बार वो नंदीग्राम से अपने पुराने सहयोगी और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गई हैं। हार के बाद भी ममता राज्य की मुख्यमंत्री बन सकती हैं, लेकिन छह महीने के भीतर उन्हें राज्य की किसी विधानसभा सीट से चुनाव जीतना होगा। अगर ऐसा नहीं होता तो उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा।
सीएम की शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी को नसीहत भी दे डाली,
मैं तीसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई देता हूं. आशा है कि शासन संविधान और कानून के नियम के अनुसार चलेगा. हमारी प्राथमिकता इस संवेदनहीन हिंसा का अंत करना है. उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कानून के शासन को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाएंगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बन गई है. ममता के सीएम पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हों बधाई दी. . उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ”पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर ममता दीदी को बधाई.”
जेपी नड्डा का धरना
बीजेपी चीफ जेपी नड्डा आज कोलकाता में धरने पर बैठ है. बता दें कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के चुनाव जीतने के बाद लगातार बंगाल से हिंसा की खबरें आ रही थी. बीजेपी का दावा है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर टीएमसी के समर्थकों ने हमला किया है.
जो तस्वीरें मैंने विभाजन के समय देखी थी वे ताजा होती दिख रही थीं. जिनको रक्षा करनी चाहिए वे ही इस हिंसा के तांडव के जिम्मेदार लोग हैं. ऐसे लोग शपथ लें, प्रजातंत्र में सबको शपथ लेने का अधिकार है लेकिन हम भी शपथ लेते हैं कि बंगाल की धरती से राजनीतिक हिंसा खत्म करेंगे.
जेपी नड्डा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी 292 में से 213 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है. बीजेपी को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई है. वहीं, दो सीटों पर अन्य ने जीत दर्ज की है.
कब तक बिना विधायक बने मुख्यमंत्री रह सकती हैं ममता?
संविधान का आर्टिकल 164(4) कहता है कि कोई भी व्यक्ति किसी राज्य में मंत्री पद की शपथ ले सकता है, लेकिन छह महीने के भीतर उसे किसी विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आना होगा। अगर राज्य में विधान परिषद है तो वो MLC के रूप में भी चुना जा सकता है। मुख्यमंत्री भी एक मंत्री होता है, इसलिए यही नियम उस पर भी लागू होता है।
