
ग्वालियर: ग्वालियर में सोमवार रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई घर के एक दरवाजे से शादी की के बाद ननद की विदाई हो रही थी तो उसी घर के दूसरे दरवाजे से उसकी भाभी की अर्थी उठ रही थी ननद की शादी की तैयारियों में लगी भाभी बिजली के पोल की चपेट में आई और करंट लग गया तड़पते हुए उसने वहीं दम तोड़ दिया चंद मिनटों में शादी की खुशियां मातम में बदल गई
माधवगंज थाना क्षेत्र के निवासी 31 वर्षीय अजय पाल पुत्र गोविंद पाल नगर निगम में कर्मचारी है.सोमवार को उनकी चचेरी बहन मनाली की शादी थी. कोरोना संक्रमण के चलते मैरिज गार्डन व होटलों से शादी प्रतिबंधित थी. इसलिए वह घर से ही सीमित संख्या में शादी का कार्यक्रम कर रहे थे. शादी में सभी काम की जिम्मेदारी अजय की 28 वर्षीय पत्नी रेणु पर थी.सोमवार दोपहर शादी की कुछ रस्में पूरी होने के बाद रेणु पास ही अपने दूसरे घर जाने लगी. गली में टेंट लगा था इसलिए वह पीछे से निकलकर जा रही थी. यही एक पोल से करंट का तार टच हो रहा था. पोल पर हाथ रखते ही वह करंट की चपेट में आ गई .करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गई. मामले का पता चलते ही परिजन तथा अन्य रिश्तेदार उसे लेकर अस्पताल पहुंचे .जहां पर डॉक्टरों के इलाज शुरू करने से पहले ही रेणु ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया.रेणु के तीन बच्चे हैं सभी बच्चे छोटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा देव पाल 10 साल का उससे छोटी बेटी मानसी 8 साल और सबसे छोटी बेटी नैंसी में 4 साल की है.
सारी खुशियां मातम में बदल गई
वहीं शादी होने के कारण हर तरफ हंसी ठिठोली हो रही थी रेणु की मौत का पता चलते ही चंद मिनटों में सारी खुशियां मातम में बदल गई. इसके बाद तो सीमित कार्यक्रम को आनन-फानन में और छोटा कर सिर्फ फेरे और विदा तक सिमटा गया.सोमवार रात के समय घर के एक दरवाजे से ननंद की डोली विदा हो रही थी. और उसे पता था कि भाभी नहीं रही इसी के पास दूसरे दरवाजे से दुल्हन की भाभी की अर्थी उठ रही थी. आधे लोग इस तरफ थे तो आधे उस तरफ ननंद की विदाई में. कुछ देर पहले भाभी के शव को अंतिम विदाई दी गई यह दृश्य दिल को दहला देने वाला था.
हादसे का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया.
