
सीधी : प्रमुख सचिव म.प्र. शासन वित्त विभाग श्री गुलशन बामरा द्वारा जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए तथा संक्रमित व्यक्तियों के उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जिले के लिए राहत भरी खबर है ,राहत की बात यह है कि सीधी जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन के प्लांट लगाए जाएंगे जिनसे 1 मिनट में 1300 लीटर ऑक्सीजन तैयार की जाएगी. एक प्लांट 1 मिनट में 300 लीटर ऑक्सीजन और दूसरा प्लांट 1 मिनट में 1000 लीटर ऑक्सीजन तैयार होगी. जिसे आईसीयू (ICU) वार्ड में पाइपलाइन के द्वारा मरीजों के बेड तक पहुंचाया जाएगा. यह अक्सीजन प्लांट 3 हफ्ते के अंदर तैयार हो जाएंगे.प्रमुख सचिव द्वारा जिले में आक्सीजन सप्लाई की स्थिति तथा प्रस्तावित नवीन प्लांट के निर्माण के निर्माण के स्थल का भी अवलोकन किया. भोपाल से आए प्रमुख सचिव जिला करोना प्रभारी गुलशन बामरा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कोरोना की स्थिति ठीक नहीं है कोरोना ने पूरे हालात बिगाड़ रखे हैं, जिसे लॉकडाउन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के जरिए ही जीता जा सकता है.

प्रमुख सचिव द्वारा फीवर क्लीनिक, जिला कोविड कमाण्ड एवं कण्ट्रोल सेंटर, जिला चिकित्सालय में बनाए गए डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर, कोविड केयर सेंटर, प्रस्तावित आक्सीजन प्लांट सेंटर तथा जिला वैक्सीन कोल्ड चैन रूम का निरीक्षण किया. उनके द्वारा जिला चिकित्सालय में उपचाररत संक्रमितों का हाल पूछा गया. निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों, स्टॉफ नर्स तथा सपोर्ट स्टॉफ से चर्चा कर उनका मनोबल भी ऊॅचा किया गया.

प्रमुख सचिव श्री बामरा ने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण समय है. कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा संक्रामक एवं घातक है. जिसके कारण देश में संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुयी है तथा इस बार मौतें भी ज्यादा हुयी हैं. प्रमुख सचिव ने कहा कि यह समय है मनोबल ऊॅचा रख कर संक्रमितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का. उनको बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ एक सकारात्मक वातावरण निर्मित करें जिससे वो शीघ्र स्वस्थ हो सकेंगें. प्रमुख सचिव ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का व्यवस्थिति तरीके से उपयोग किया जाये जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा.

प्रमुख सचिव द्वारा सर्वप्रथम जिला कोविड कमांड एवं कण्ट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर होम आइसोलेशन में संक्रमित मरीजों के विषय में जानकारी प्राप्त की गयी तथा रैण्डम आधार पर कुछ मरीजों से चर्चा भी की गयी. उन्होने कहा कि होम आइसोलेशन के लिए शासन द्वारा जारी एडवायजरी का कड़ाई से पालन किया जाए। प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति से दिन में दो बार चर्चा कर उसके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की जाए तथा थोड़ी भी आशंका होने पर तत्काल मरीज को जिला चिकित्सालय में भर्ती कर उनका विधिवत उपचार किया जाए. प्रमुख सचिव ने कहा कि इस कार्य में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करें. भोपाल स्तर से भी रैण्डम आधार पर होम आइसोलेशन के मरीजों से चर्चा की जाती है. प्रमुख सचिव ने मरीजों से बात करने वाली पूरी टीम को प्रोत्साहित किया.

प्रमुख सचिव द्वारा फीवर क्लीनिक का निरीक्षण कर लिए जा रहे सैंपलों का अवलोकन किया तथा संक्रमित मरीजों को प्रदाय की जा रही दवाइयों के विषय में जानकारी प्राप्त की। प्रमुख सचिव द्वारा पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सभी परिसरों में सफाई व्यवस्था की अच्छे से निगरानी की जाए तथा सफाई करने के समय में वृद्धि की जाए।
प्रमुख सचिव द्वारा जिला चिकित्सालय में बनाए गए डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर तथा कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होने मरीजों को प्रदाय की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के विषय में जानकारी प्राप्त की। उन्होने इन क्षेत्रां को स्पष्ट रूप से अंकित करने तथा बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि संक्रमित मरीजों वालें क्षेत्र में केवल डेडीकेटेड चिकित्सीय एवं सपोर्ट स्टॉफ को ही जाने की अनुमति होगी। प्रमुख सचिव द्वारा जिले में आक्सीजन सप्लाई की स्थिति तथा प्रस्तावित नवीन प्लांट के निर्माण के निर्माण के स्थल का भी अवलोकन किया।
इस दौरान कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत, सीईओ जिला पंचायत आर के शुक्ला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. डीके द्विवेदी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी तथा चिकित्सीय स्टॉफ उपस्थित रहें।
