
दमोह जिले के पथरिया नगर के वार्ड नंबर 6 में रहने वाली रितिका उर्फ कलावती विश्वकर्मा को उनका बेटा और परिजन पथरिया स्वास्थ्य केंद्र गंभीर हालत में लेकर गए I उनकी मां को तुरंत इलाज की जरूरत थी लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं मिला नतीजा मां की अस्पताल में ही मौत हो गई I मौत के बाद बेटा और परिजन शव ले जाने के लिए घंटों तक सरकारी एंबुलेंस का इंतजार करते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली, वहीं प्राइवेट एंबुलेंस की बात करने पर केवल 2 किलोमीटर तक चले जाने के लिए ₹5000 की माँग की जा रही थी I आर्थिक तंगी की वजह से परिजन प्राइवेट एंबुलेंस का खर्च नहीं उठा सकते थे इसलिए हार कर हाथ ठेले में ही मां का शव लेकर लौटना पड़ा I
परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि महिला को समय पर सही उपचार मिल जाता, घंटो तक अस्पताल में डॉक्टरों का इंतजार नहीं करना पड़ता और डॉक्टरों द्वारा यह करके कह कर के नहीं भगा दिया गया होता कि यहां वह कोविड-19 केयर सेंटर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सामान्य मरीजों का इलाज नहीं कर पाएंगे तो शायद कलावती विश्वकर्मा को बजाया जा सकता था I
