मध्यप्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई है पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश में 8998 नए कोरोना पॉजिटिव केस आए और 40 नई मौतें हुई सबसे ज्यादा गंभीर हालत इंदौर भोपाल ग्वालियर जबलपुर में बना हुआ है जहां लाभ डाउन वन नाइट कर्फ्यू के बावजूद भी आंखों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं Iहालांकि मध्यप्रदेश में सरकार लगातार महामारी से निपटने की कोशिश कर रही हैI
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये प्रत्येक जिले को एक करोड़ रुपये की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी की है। प्रदेश के 52 जिलों के लिये जारी की गई 52 करोड़ रुपये की राशि कोविड-19 के लिये आवश्यक उपकरणों के क्रय, पुनर्वास शिविरों में भोजन एवं कपड़े की व्यवस्था, मेडिकल शिविरों के संचालन, शिविरों का पर्यवेक्षण-संचालन, आवश्यक कार्यों में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा के लिये क्रय की जाने वाली सामग्री और साफ-सफाई आदि पर व्यय की जा सकेगी।

प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री मनीष रस्तोगी ने उक्त आशय का आदेश जारी कर प्रदेश के सभी 52 जिलों को राशि जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से उपलब्ध करवाई गई राशि के व्यय के संबंध में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक अंतर्विभागीय समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति कोविड-19 की रोकथाम के लिये किये गये व्यय का परीक्षण, पर्यवेक्षण एवं स्वीकृति के लिये सक्षम होगी। प्रमुख सचिव रस्तोगी ने बताया कि कोविड-19 महामारी की रोकथाम से संबंधित व्यय आपातकालीन व्यय की श्रेणी का है। अत: इसमें निविदा प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक नहीं है। मुख्यमंत्री राहत कोष की राशि के व्यय संबंधी मूल अभिलेख जिला स्तर पर सुरक्षित रखे जाने और राशि व्यय उपरांत निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध करवाने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं।

