
सीधी I पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा है कि शिवराज सिंह सरकार ने आक्सीजन का इंतजाम न कर कोरोना मरीजों की श्वांस नली से प्राणवायु छीन ली है| आक्सीजन के अभाव में सभी अकाल मृत्यु के शिकार हो रहे हैं| शिवराजसिंह वास्तविकता से परे जाकर जनता के साथ साथ अपने आपको भी धोका दे रहे हैं| क्या यही आपका स्वास्थ्य आग्रह है| मेरी समझ में तो यह मिथ्याग्रह है, जो झूठ की बुनियाद पर खड़ा है| गाँधी जी के सत्याग्रह से आप कोसों दूर हैं, उसे कभी नहीं पा सकते|
उद्योगों को आक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह स्थगित रखना चाहिए-
अजयसिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने 15 सालों के अनुभवों से सीखने की आदत शिवराजसिंह अभी तक नहीं डाल पाए| पिछले साल भी इसी तरह आक्सीजन की कमी हो गई थी| इसी तरह की बदइन्तजामी के चलते लोग मर रहे थे| इन अनुभवों से सीख कर सरकार को पहले से ही आक्सीजन की उपलब्धता पर निगरानी रखना थी| क्या इस एक साल के दौरान मध्यप्रदेश में आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की कोशिश नहीं की गई| क्या मुख्यमंत्री ने इस बात की पड़ताल करी कि गुजरात से मिलने वाली लिक्विड आक्सीजन की सप्लाई अचानक क्यों रोक दी गई| इसे शुरू करने के लिए उन्हें तत्काल गुजरात के मुख्यमंत्री और पीएम मोदी से बात करना चाहिए| फ़िलहाल उद्योगों को आक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह स्थगित रखना चाहिए|
भाजपा सरकार में दूरदृष्टि की कमी है-
अजयसिंह ने कहा कि जब कोरोना ख़त्म ही नहीं हुआ है तो संविदा पर रखे गए सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मियों को क्यों हटा दिया गया| इस कारण आज जाँच केन्द्रों पर अफरातफरी मची हुई है| सरकार को तत्काल स्वास्थ्य कर्मियों को वापस बुलाना चाहिए और कोरोना की जांच की गति दो गुनी करना चाहिए| अजयसिंह ने कहा कि जब स्कूल कालेज 15 अप्रैल तक बंद हैं तो कालेजों में शिक्षकों को क्यों बुलाया जा रहा है| नाइट कर्फ्यू का भी कोई अर्थ नहीं है क्योंकि नाइट में तो 95 प्रतिशत जनता घर में रहती है| इसका समय रात नौ बजे के स्थान पर शाम पांच-छ: बजे से शुरू होना चाहिए|
सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में दूरदृष्टि की कमी है| परिस्थितियों का आकलन कर भविष्य की रणनीति बनाने में वह पूरी तरह अक्षम है| शिवराजसिंह के सर्कस मंत्रीमंडल में उनकी भूमिका एक जोकर से ज्यादा नहीं रह गई है|जनता के सामने नई नई नौटंकी रोज करते रहते हैं| गंभीरता नाम की चीज नहीं है|
