मध्य प्रदेश सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 4:00 बजे आयोजित की जाएगी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वर्चुअल माध्यम से कैबिनेट की बैठक आयोजित होगी। जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज मंत्रालय से ही शामिल होंगे। मंत्री अपने-अपने ऑफिस या निवास से इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे।
नगर निकाय चुनाव से पहले शिवराज सरकार होने वाली कैबिनेट बैठक में अवैध कॉलोनियों को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में करीबन 6900 तक अवैध कॉलोनी है। जिसमें सबसे ज्यादा राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया गया है। बजट सत्र के दौरान खुद नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा था कि अवैध कॉलोनी को वैध करने के लिए नगरपालिका विधि विधेयक को संशोधित किया जा रहा है। इस को जल्द से जल्द प्रदेश में लाग किया जाएगा। इस बैठक में प्रदेश के 6000 से अधिक अवैध कॉलोनियों को वैध करने के बिल को मंजूरी मिल सकती है इसके अलावा अवैध निर्माण की कंपाउंडिंग की राशि को बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा का विषय रहेगा।
इसके अलावा राज्य सहकारी अधिकरण के अध्यक्ष का पद निरंतर रखने के मामले में भी स्वीकृति दी जा सकती है। भोपाल गाधी मेडिकल कॉलेज परिसर में नए निर्माण कार्य को स्वीकृति दी जा सकती है। 2021-22 में भांग दुकानों की नीलामी और बार लाइसेंस के प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा होगी। वही सागर मेडिकल कॉलेज में वायरस रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैब की स्थापना को भी मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा जबलपुर में केंद्रीय मद निर्मित फ्लाईओवर के लिए राज्य की राशि से भू अर्जन और पेयजल, सीवर लाइन शिफ्ट करने के लिए प्रशासकीय अनुमति भी दी जा सकती है।
इसके साथ ही दो बजे रात तक शराब पिलाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई जा सकती है। सूत्रों के अनुसार वाणिज्य कर विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बार लाइसेंस के नियमों में संशोधन का प्रस्ताव कैबीनेट में रख सकता है। इसके तहत 5000 रू अतिरिक्त फीस जमा करने पर होटल, रेस्टोरेंट्स, रिजॉर्ट और क्लबों के बार दो बजे रात तक खोले जा सकेंगे। अभी यह समय सीमा रात बारह बजे तक है। तीन सितारा होटल और पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित बार के लाइसेंस तीन साल तक के लिए दिए जाने का प्रस्ताव भी आ सकता है। अभी तक यह लाइसेंस एक साल के लिए दिया जा सकता है। इसके साथ-साथ होटल परिसर के अन्य जगहों पर शराब पीने की अनमति देने के लिए 10000 रू अतिरिक्त फीस लेकर अनुमति देने का प्रावधान भी आ सकता है। इसके अलावा कई अन्य मामले भी कैबिनेट मे आएंगे।
माना जा रहा है कि दोनों प्रस्ताव को शिवराज कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। जिसके बाद विधेयक को अध्यादेश के माध्यम से लागू करने की तैयारी शुरू की जाएगी।
