नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड के अमलोरी प्रोजेक्ट में सीबीआई और सीएमपीडीआई (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट ) के एक्सपर्ट सदस्यों की संयुक्त टीम ने सुबह के समय प्रोजेक्ट में कई अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापा मार कार्यवाही की इसमें पुराने जीएम के ऑफिस के पास स्थित स्टोर, सीएचपी के पास सेल्स डिपार्टमेंट के दफ्तर, कोल स्टॉक सेक्शन के दफ्तर और कोयले के नापतोल करने वाले वे-ब्रिज में टीमें एक साथ पहुंची।
कार्यवाही इतने चुपचाप तरीके से हुई थी इसकी भनक दफ्तर के बाहर के लोगों को काफी देर के बाद लगी दफ्तर में पहुंचते हैं टीमों ने सभी प्रकार की गलतियों को अपने हाथ में ले लिया और टीम के सदस्य दस्तावेजों की छानबीन में जुट गए जरूरत पड़ने पर पहुंच पांच भी करते रहे या कार्यवाही किस कारण से हुई है अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है ना तो एनसीएल प्रबंधन ने और न ही सीबीआई की टीम की ओर से कोई जानकारी दी है।
कोयला घोटाले की ओर इशारा -सूत्र
सूत्रों के अनुसार प्रोजेक्ट में कोयले की घोटाले का खेल कोई आज से नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहा है था इसे इस गोलमाल में कोयले का बड़ा स्टार्ट अवैध तरीके से प्रोजेक्ट के बाहर भेजने या किसी अन्य तरीके से भी कोयले का नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है ,कई लोग समय से पहले ही प्रोजेक्ट से ट्रांसफर करा चुके हैं किंतु अब मामला सीबीआई के पास पहुंचने पर कलई खुलने लगी है।

