
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड से न्यायालय सीधी ने दंडित किया है। बता दें कि लगभग 2 साल 3 महीने बाद आखिरकार न्यायालय ने मझौली थाना अंतर्गत घटित इस अपराध में सजा सुनाई है। जिसके बाद परिजनों के चेहरे पर इसकी खुशी साफ तौर परदेखी जा रही है ।
जानकारी के अनुसार अप्रैल 2020 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था, जिस पर मझौली थाना में रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। जिसमें न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है और आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास व 5 हजार रुपए अर्थदंड से
दंडित किया है।
जिला मीडिया सेल प्रभारी सीनू वर्मा ने बतायागया कि 27 जून 2020 को बच्ची अपने घर में अपनी छोटी बहन के साथ थी, घर में मम्मी-पापा
नहीं थे। खेती करने कतलवार गए थे। तभी उसके मामा का लड़का रात के अंधेरे में आया और नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म किया। साथ ही किसी से नहीं बताने की धमकी भी दी। नाबालिग ने डर के मारे यह घटना किसी को नहीं बताई।
4-5 महीने बाद जब मम्मी ने उसके पेट के बारे में उससे पूछा तो उसने उक्त बात अपनी मम्मी को बताई कि सद्दाम ने जबरदस्ती गलत काम किया है। जिससे उसके पेट में बच्चा है। जानकारी लगते ही परिजनों ने थाना मझौली में एफआईआर दर्ज कराया। जहां से उसे आज 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 5 हजार रूपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है।
