सीधी जिला वैसे तो मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से पिछड़ा है, लेकिन यहां पुरानी परंपरा आज भी जीवित है. सीधी का आदिवासी इलाका हो या कोई और इलाका इसे शांति अमन का टापू कहा जाता था, लेकिन यहाँ की खनिज संपदा अपराध का बड़ा कारण बन गई है. सीधी जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर स्थित भुईमाड पुलिस थाना क्षेत्र में 38 गांव आते हैं. जिसकी आबादी लगभग 25 हजार से अधिक है, लेकिन यहां प्रदेश भर से सबसे कम अपराध घटित होते हैं. आमतौर पर पुलिस थानों में अक्सर फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकते देखा जाता है, लेकिन सीधी के भुईमाड पुलिस थाने में फरियादी और पुलिसकर्मी पूरे भक्ति भाव के साथ आरती की थाली सजाकर रामायण का पाठ करते हैं I रामायण पाठ के समय थाने में पहुंचने वाले लोगों का पुलिसकर्मी तिलक लगाकर स्वागत करते हैं I इतना ही नहीं थाने में कन्या भोजन भी कराया जाता है.
थानें में रामायण के समय आने वाले लोगों का तिलक लगातार स्वागत किया जाता है. वहीं जब थानों में भक्ति-भाव के साथ रामायण होती है, तो क्षेत्र के लोग भी थाने में आते हैं. लोग कहते हैं कि जब इतना अच्छा कार्य थाने में होता होगा तो वहां पर पदस्थ अधिकारी कितने शांत स्वभाव के होंगे. इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं. पुलिस के इस फ्रेंडली नेचर के चलते जहां फरियादी अपनी बात को खुलकर कह पाता है, वहीं, उम्मीद से पहले फरियादी अपनी समस्या का समाधान होने पर थाने से खुशी-खुशी वापस लौटता है.
यहां के थाना प्रभारी है उपनिरीक्षक संतोष चौरसिया के साथ-साथ उनके पूरे स्टाफ का भी मानना है कि ऐसे कार्यों से क्षेत्र के आम नागरिकों एवं पुलिस के साथ तालमेल बना रहता है I भुईमाड थाने के उपनिरीक्षक संतोष चौरसिया का कहना है कि प्रदेश भर के अन्य पुलिस थानों में खराब पुलिसकर्मियों की छवि वाले पुलिस कर्मियों को इस पुलिस थाने से सीख लेने की जरूर है. हम आम जनों और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास कर रहे हैं I इस थाने में प्रदेश में सबसे कम अपराध होता है.

