
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ राजेश गोखले, फार्मास्युटिकल विभाग में सचिव एस अपर्णा, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव और एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया और एनटीएजीआई के कोविड-19 कार्यकारी समूह के अध्यक्ष डॉ एन के अरोड़ा सहित वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कुछ यूरोपीय और पूर्वी एशियाई देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच बुधवार को अधिकारियों को उच्च स्तर की सतर्कता और निगरानी बनाए रखने और जीनोम सीक्वेंसिंग को आक्रामक रूप से करने के निर्देश दिये. मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक में 27 मार्च से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू करने के सरकार के फैसले, टीकाकरण की स्थिति और जीनोमिक निगरानी के स्तर की समीक्षा की गई.
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘चीन, सिंगापुर, हांगकांग, वियतनाम और कुछ यूरोपीय देशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की.’’ सूत्र ने कहा, ‘‘मंत्री ने आक्रामक जीनोमिक अनुक्रमण, उच्च निगरानी और उच्च स्तर की सतर्कता का निर्देश दिया है.’’
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ राजेश गोखले, फार्मास्युटिकल विभाग में सचिव एस अपर्णा, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव और एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया और एनटीएजीआई के कोविड-19 कार्यकारी समूह के अध्यक्ष डॉ एन के अरोड़ा सहित वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया.
भारत में आज आए इतने केस
बता दें भारत में एक दिन में कोविड-19 के 2,876 नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 4,29,98,938 हो गई है. वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 32,811 रह गई है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में 98 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,16,072 हो गई. देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 32,811 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.08 प्रतिशत है. पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,106 की कमी दर्ज की गई. मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.72 प्रतिशत हो गई है.
