
मध्यप्रदेश में बजट सत्र आज से शुरू हो चुके हैं। बजट सत्र शुरू होने से पहले से ही राजनीतिक खलबली पूरे प्रदेश भर में शुरू हो चुकी थी, जो अब तक जारी है। 6 मार्च 2022 को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा। उन्होंने बजट सत्र को 31 मार्च तक बढ़ाने की मांग की। दरअसल 6 मार्च 2022 को पूर्व मुख्यमंत्री ने एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने ने बड़ी बात कही।
उन्होंने कहा कि, मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 7 मार्च से 25 मार्च तक के लिए निर्धारित किया गया है, जिसमें 13 बैठक होने वाली है। 7 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद, 8 मार्च को लता मंगेशकर जी की श्रद्धांजलि होगी, 9 मार्च को बजट प्रस्तुत होने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित होने की संभावना ज्यादा है। बाकी 10 दिनों में बजट सत्र की पूरी कार्रवाई को किया जाना है, जिस दौरान आम जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों और समस्याओं पर चर्चा होना मुश्किल होगा।
कमलनाथ के मुताबिक प्रदेश में आम लोगों के जीवन से जुड़ी अनेक जरूरी समस्याओं को सदन में लाना और उस पर विचार करना बहुत जरूरी है। युवाओं की बेरोजगारी, फसल बीमा, राहत राशि, गौमाताओं की मृत्यु, कानून व्यवस्था और महिला और बच्चों के साथ अपराध, पुरानी पेंशन से जुड़े अन्य कई समस्याओं पर चर्चा होना जरूरी है। इसलिए उन्होंने सदन के बजट सत्र में कार्य दिनों में वृद्धि लाने की बात सामने रखी और विधानसभा और उन्होंने मुख्यमंत्री से बजट सत्र को 31 मार्च तक बढ़ाने की बात भी कही, ताकि आम जनता से जुड़े मुद्दों पर बात चर्चा हो सके और उनका निर्वाहन भी किया जा सके।
