
गोंड सिंचाई परियोजना के तहत सीधी जिले के आदिवासी विकासखंड कुसमी के सोनगढ़ गोपद नदी मे बन रहे बृहद बांध के विरोध में प्रभावित ग्रामीणों का अक्रोश कम होता नहीं दिख रहा है। तीन दिन लगातार जारी विरोध प्रदर्शन को देखकर लगता है कि ग्रामीण अपनी मागों को लेकर तैयारी करके आए हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों का शुक्रवार को तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रखा। अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू होने के बाद अभी तक प्रशासनिक अमला मौके पर नहीं पहुंचा है, जबकि आंदोलन शुरू होने से पहले प्रशासनिक टीम लगातार ग्रामीणों को आंदोलन न करने हेतु प्रयास में जुटी हुई थी, लेकिन आंदोलनकारी नहीं मान रहे हैं।
बताया गया कि आंदोलनकारियों द्वारा धरना स्थल पर ही डेरा जमा लिया गया है, वहीं घास फूस व पॉलीथिन की झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं, और भोजन आदि भी धरना स्थल पर ही बना रहे हैं। इस आंदोलन में सीधी व सिंगरौली जिले के प्रभावित गांवों के लोग संयुक्त रूप से आंदोलन में डटे हुए हैं, जिसमें सीधी जिले के 8 गांव एवं सिंगरोली जिले के 5 गांव के बांध का निर्माण पुराने निर्धारित ग्रामीण शामिल हैं। स्थल यानी जालपानी गांव में ही आंदोलनकारियों की मांग है कि बनाया जाए, यहां बांध का निर्माण नहीं होने देंगे।
विरोध प्रदर्शन में किसान संघर्ष समिति के क्षेत्रीय अध्यक्ष ध्यान सिंह, उपाध्यक्ष हंसलाल यादव, प्रवक्ता उदित नारायण साहू, हरी प्रसाद पनिका, सीताकली साकेत, कैलाश बती सिंह, पानकली, जगमोहन सिंह सरपंच सोनगढ़, बीरबल अगरिया सदस्य जल उपभोक्ता संथा, जगधारी सिंह, गेंदलाल साकेत, रामनुज साकेत सरपंच के साथ बड़ी संख्या में प्रभावित गांव के ग्रामीण शामिल रहे।
धरने पर बैठे लोगों को विस्थापित होने का भय सबसे ज्यादा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांग पूरी न होने तक अंदोलन अनवरत जारी रहेगा। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टि से भुईमाड़ थाना प्रभारी आकाश सिंह राजपूत अपने स्टाफ के साथ शांति व्यवस्था रखने के उद्देश्य से लगातार नजर बनाए हुए हैं। अब देखना होगा कि किसानों के विरोध के बाद सरकार किस तरह से इस मामले को सुलझाती है।
