
देश के सबसे अधिक विधानसभा वाले राज्य उत्तर प्रदेश में चुनावी (UP election) सरगर्मी तेज हो चुकी है। नेताओं का पार्टी बदलना लगातार जारी है और इसी क्रम में यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। आरपीएन सिंह को 1 दिन पहले ही कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारक के रूप में प्रमोट किया था।आरपीएन सिंह ने मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अनुराग ठाकुर और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।
देर आए दुरुस्त आए – आरपीएन सिंह
बीजेपी में शामिल हुए आरपीएन सिंह ने कहा कि देर आए दुरुस्त आए। सिंह ने कहा कि कांग्रेस अब पहली वाली पार्टी नहीं रही। आरपीएन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के कीर्तिपुंज बताया। उन्होंने कहा कि कुछ ही सालों में हमारे प्रधानमंत्री ने प्राचीन संस्कृति को 21 वीं सदी से जोड़कर हिंदुस्तान के निर्माण मे्ं जो काम किया पूरा देश उसे सराह रहा है।
अब वह पार्टी वह नहीं रही जहां से मैंने शुरूआत की थी – आरपीएन सिंह
आरपीएन सिंह ने कहा 32 सालों तक मैं एक पार्टी में रहा और वहां पूरी ईमानदारी और लगन से काम किया। लेकिन अब वह पार्टी वह नहीं रही जहां से मैंने शुरूआत की थी, ना ही वह सोच रही। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्ट निर्माण करना है और देश को आगे बढ़ाना है तो मैं पीएम के सपनों को पूरा करने के लिए जो भी कोशिश होगी वह करूंगा।सिंह ने कहा कि बहुत लोग मुझसे कहते थे कि मुझे बीजेपी में जाना चाहिए, मैं सोच भी रहा था। अब मैं यही कह सकता हूं कि देर आए दुरुस्त आए। यूपी हिंदुस्तान का दिल है और अगर वहां प्रगति होगी तो देश की प्रगति होगी। पीएम और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिलकर काफी काम किए हैं।
आरपीएन सिंह ने इससे पहले ट्वीट किया, ”यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है, मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी और माननीय गृहमंत्री अमित शाह के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान के लिए तत्पर हूं।”कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने मंगलवार सुबह ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि वह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने देश की जनता और पार्टी की सेवा करने का अवसर देने के लिए कांग्रेस का आभार जताया।
आरपीएन कुछ दिनों से कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रियता नहीं दिखा रहे थे और तभी से अनुमान लगाया जा रहा था कि वह पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके आरपीएन अभी झारखंड के कांग्रेस प्रभारी भी थे। आरपीएन 1996 से 2009 तक पडरौना से कांग्रेस के विधायक रहे हैं। 2009 में वह कुशीनगर (तत्कालीन पडरौना लोकसभा) सीट से लोकसभा सांसद चुने गए और केंद्र में मंत्री बने।
RPN सिंह ने स्वामी प्रसाद मौर्य को दी थी मात
कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले आरपीएन सिंह को 2.23 लाख वोट मिले थे,जबकि बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य 2.02 लाख वोट पाकर दूसरे नंबर पर थे । जब आरपीएन सिंह लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे,तब वह पडरौना सीट से विधायक थे । सांसद बनने के बाद आरपीएन सिंह ने विधायकी छोड़ी । इसके बाद पडरौना सीट से अपनी मां मोहिनी देवी को चुनाव लड़वाया. स्वामी प्रसाद मौर्य भी इस विधानसभा उपचुनाव में बसपा के टिकट पर मैदान में आ गए ।
