
मोदी सरकार द्वारा लड़कियों के हित में बड़ा फैसला लिया गया था। जहां लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल कर दी गई है। हालांकि अब इस मामले पर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जनता के चुने प्रतिनिधि द्वारा दिया गया विवादित बयान भी चर्चा का विषय बन रहा है। अब इस मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन ने विवादित बयान दिया है।
लड़कियों की शादी तब होनी चाहिए जब वे प्रजनन की आयु प्राप्त कर लें, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद एसटी हसन ने 17 दिसंबर को महिलाओं के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 21 करने के केंद्र के कदम के बारे में बात करते हुए बड़ा बयान दिया है।
एक मीडिया एजेंसी से बात करते हुए, हसन ने कहा महिलाओं की प्रजनन आयु 16-17 वर्ष से 30 वर्ष तक होती है। शादी के प्रस्ताव 16 साल की उम्र में आने लगते हैं। शादी में देरी होने पर दो नुकसान होते हैं, एक बांझपन की संभावना बढ़ जाती है। दूसरा यह कि जब आप बूढ़े हो जाते हैं तो आपके बच्चे छोटे रहते हैं। जब आप अपने जीवन के अंतिम दशक में होते हैं, तब भी आपके बच्चे छात्र होते हैं। ऐसे में हम प्राकृतिक चक्र को तोड़ रहे हैं।
सपा सांसद एसटी हसन यही नहीं रुके। उन्होंने शफीक उर रहमान की बात का समर्थन करते हुए कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र 21 नहीं 16-17 होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा और शादी में देर होगी तो वह पोर्नोग्राफी वाले वीडियो ही देखेंगी। गंदी फिल्में देखेंगी और वह आवारगी कि श्रेणी में ही आता है। उसमें कोई फर्क नहीं है।
समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन ने कहा कि मेरा मानना है कि जब एक लड़की प्रजनन की उम्र प्राप्त कर लेती है, तो उसे शादी कर लेनी चाहिए। अगर लड़की 16 साल की उम्र में परिपक्व हो जाती है, तो वह 16 साल की उम्र में शादी कर सकती है। सांसद एसटी हसन ने कहा कि अगर वह 18 साल की उम्र में वोट दे सकती है, तो वह शादी क्यों नहीं कर सकती ?
