
सीधी 1 दिसंबर, 2021। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने आज सिंगरौली में स्व. अर्जुनसिंह की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर उनकी राजनीतिक उदारता और पिछड़े लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को याद किया| उन्होंने कहा कि वे अर्जुनसिंह जी ही थे जो हमेशा कहते थे कि यदि क्षेत्र का विकास करना है तो वह सबका साथ और सबकी सलाह से ही संभव है, भले ही वे सब किसी भी दल और विचारधारा के क्यों न हों|
अजयसिंह ने कहा कि यह बात उन्होंने मुझे तब समझाई थी जब मैं पहली बार विधायक बना था| उस वक्त वे पंजाब के राज्यपाल थे और मैं विधायक चुने जाने के बाद उनका आशीर्वाद लेने गया था| सिंह ने कहा कि कहना नहीं चाहिए लेकिन आज की राजनीति में कटुता चरम पर है| दूसरे की बात क्यों करें अपनी ही पार्टी के लोग किसी न किसी बात पर विरोध शुरू कर देते हैं| एकता ही सबसे बड़ी ताकत है| जब मैं मंत्री था तब सिंगरौली के वर्तमान विधायक रामलल्लू बैस जी ने मुझसे कहा था कि जब अन्य जातियां पिछड़े वर्ग में शामिल हो सकती हैं तो बैसवार समाज क्यों नहीं? मैंने तत्काल दिग्विजयसिंह से चर्चा की| केबिनेट में प्रस्ताव आया और बैसवार समाज पिछड़े वर्ग में शामिल कर लिया गया|

अजयसिंह ने उन बातों को भी याद किया जो पूर्व राष्ट्रपति और तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अर्जुनसिंहजी के देहावसान के बाद कही थी| उन्होंने मुझसे कहा था कि भले ही दाऊ साहब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मैं आपके पिता के रूप में अभी भी जीवित हूँ| प्रणव दा ने बताया कि अर्जुनसिंह जी मेरे सबसे बड़े राजनीतिक सहयोगी थे| हम दोनों मिलकर राजनीतिक प्रस्ताव बनाया करते थे| मैं भी सांसद रहा, केंद्र में मंत्री था लेकिन जब भी बात होती थी तो केवल अर्जुनसिंह की| इसका कारण यह था कि वे जब भी कोई नियम और योजनायें बनाते थे तो वे सभी समाज के छोटे छोटे और पिछड़े लोगों को ध्यान में रखकर तैयार करते थे| जाहिर है कि उनके इस कदम का सीधा असर बड़े लोगों पर पड़ता था|
सिंह ने विधायक रामलल्लू बैस और नगरपालिक निगम सिंगरौली के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उदारता के साथ बिना किसी राग, द्वेष के स्व. अर्जुनसिंह जी की प्रतिमा स्थापित की |
