
भोपाल। नए वेरिएंट की आहर के बीच दिसंबर से पहले मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते केसों ने चिंता बढ़ा दी है, जिसके बाद मप्र सरकार ने भी सख्ती बरतना शुरु कर दिया है और स्कूल 50 फीसदी के साथ ही खोलने का आदेश जारी किया है।वही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी जिला और ब्लाक स्तर के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठकें बुलाने के निर्देश दिए है। इसी कड़ी में आज 29 नवंबर 2021 को फिर 12 नए पॉजिटिव सामने आए है, जिसके बाद एक्टिव केसों की संख्या 126 हो गई है।
एमपी गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 12 नए केस आए हैं। मध्य प्रदेश में कुल एक्टिव केसों की संख्या 126 है।वर्तमान में कोरोना संक्रमण की दर 0.02 फीसदी और रिकवरी रेट 98.60 फीसदी है।कोरोना वैक्सीन की सेकेण्ड डोज लगभग 62.5 प्रतिशत लोगों को लग चुकी है। एक दिसंबर को टीकाकरण का महाअभियान है। वर्तमान में भोपाल में 45 एक्टिव केस है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट् के अनुसार, कोरोना केसों की बात करें तो 28 नवंबर 2021 को 18, 27 नवंबर शनिवार को 23, शुक्रवार 26 नवंबर को 9, गुरुवार 25 नवंबर को 14, बुधवार 24 नवंबर को 22, मंगलवार 23 नवंबर को 12, सोमावर 22 नवंबर को 13, 21 नवंबर को 17, 20 नवंबर को 11,19 नवंबर को 6, 18 नवंबर को 7, 17 नवंबर को 5, 16 नवंबर को 4, 15 नवंबर को 8, 14 नवंबर को 13, 13 नवंबर को 11 केस, 12 नंवबर को 9 केस, 11 नंवबर को 12 केस, 10 नवंबर को 5 केस, 9 को 9, 8 और 7 नवंबर को 6-6 कोरोना पॉजिटिव सामने आए थे।इसके पहले भी 6 नवंबर तक लगातार 5 से 10 के बीच केस मिले है।
सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने कहा है कि प्रदेश में नवम्बर माह में इस सप्ताह कोरोना संक्रमण के लगभग 100 केस आए हैं, जो चिंता का विषय न भी हों लेकिन हमें सजग रहने का संदेश दे रहे हैं। जिला और ब्लाक स्तर के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठकें बुलाने के निर्देश भी दिए। किसी स्तर पर सावधानियाँ न हटे।अभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक नहीं होगी, लेकिन संक्रमण रोकने के सभी नियमों और सावधानियों का पालन किया जाए। वर्तमान में 58 से 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं, उसकी संख्या और बढ़ाए। यह प्रयास हो कि प्रतिदिन कम से कम 70 हजार टेस्ट अवश्य हों। भारत सरकार और WHO के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाए।
1 दिसंबर को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से चर्चा
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि एक दिसंबर को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से चर्चा करेंगे। विदेश से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाएगी। जो लोग अन्य देशों की उड़ानों से आए हैं, उनका टेस्ट करवाने के साथ ही आवश्यक हुआ तो आइसोलेशन में रखा जायेगा। दूसरे देशों से मध्यप्रदेश में आने वाले यात्रियों के संबंध में भारत सरकार के सर्विलांस में नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। एक महीने में जितने भी लोग अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से यहाँ आए हैं, उनकी कोरोना की जाँच करना है और अगर कोई कोरोना संदिग्ध पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन में रखा जाए। प्रदेश पूरी तरह से अलर्ट पर रहेगा। एक दिसंबर की प्रात: क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों से चर्चा होगी।प्रत्येक स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को हम तैयार रखेंगे कि अगर तीसरी लहर आती है तो उससे लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
