
मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (वर्ग-3) के पेपर वायरल के मामले पर छिड़ी बहस के बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में चयनित अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की।
कमलनाथ ने लेटर में लिखा है कि मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग अन्तर्गत 30 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति किये जाने के लिए शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 का आयोजन वर्ष 2019 में किया गया था । अगस्त 2019 एवं अक्टूबर 2019 में इस परीक्षा के परिणाम जारी हुये थे । तत्पश्चात् दस्तावेज सत्यापन उपरांत चयनित शिक्षकों को नियुक्ति देने की कार्यवाही प्रारंभ हुई, लेकिन कोरोना के चलते देरी हुई और चयनित उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों, जो कि अन्य पिछड़ा वर्ग के हैं, को अब तक नियुक्ति प्राप्त नही हो सकी है ।
कमलनाथ ने पत्र में आगे लिखा है कि इस संबंध में अन्य पिछड़ा वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा मुझसे भेंट कर ज्ञापन सौंपा गया जो कि इस पत्र के साथ संलग्न कर प्रेषित है । प्रतिनिधि मण्डल के अनुसार शिक्षकों की नियुक्तियों में एक बड़ी विसंगति यह है कि कतिपय विषयों के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण के स्थान पर 14% आरक्षण दिया गया है एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष पदों पर नियुक्ति को स्थगित रखा गया है । ज्ञापन में 11 अन्य विषयों के अन्य पिछड़ा वर्ग के चयनित लगभग 1400 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी न होने सहित अन्य मांगों का उल्लेख किया गया है ।
कमलनात ने लिखा है कि प्रतिनिधि मण्डल द्वारा उक्त विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने एवं शीघ्र नियुक्ति प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया है । मध्यप्रदेश में शिक्षकों की बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया वर्षो के बाद हुई परन्तु लगभग 04 वर्षों का समय व्यतीत होने के उपरांत भी अन्य पिछड़ा वर्ग के समस्त चयनित शिक्षकों को नियुक्ति आदेश जारी नही हो पाये है । ऐसे समस्त चयनित शिक्षकों को शीघ्र नियुक्तियां दी जाना आवश्यक है ।कमलनाथ ने मांग की है कि उक्त विषय की संवेदनशीलता एवं गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये सकारात्मक पहल कर शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 में चयनित अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष समस्त अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश शीघ्र जारी कराये जाने का कष्ट करेंगे।


