
आगर में आज रिश्वतखोर महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक के खिलाफ कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया। महिला पर्यवेक्षक को 4 साल की सजा हुई। एवं उस पर 20 हजार का अर्थदंड लगाया गया है । न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम शाजापुर मनोज कुमार शर्मा ने प्रियंका चौहान तत्कालीन पर्यवेक्षक सुपरवाइजर महिला एवं बाल विकास विभाग बड़ौद आगर-मालवा को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। चौहान को 4-4 साल के सश्रम कारावास और -10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह मामला था
जिला मीडिया प्रभारी सचिन रायकवार एडीपीओ शाजापुर ने बताया कि आवेदिका कमलाबाई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्राम खेड़ा नरेला तहसील बड़ाैद आगर मालवा से आरोपियाें ने 20 रुपए रिश्वत की मांग की थी। कहा था कि यदि वह उसे उक्त रिश्वत नहीं देगी तो नोटिस देकर उसके खिलाफ कार्रवाई कर नौकरी से हटाकर उसकी सेवा समाप्त करा दी जाएगी। मामले में आवेदिका ने 11 सितंबर 2017 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन के तत्कालीन एसपी को लिखित शिकायत आवेदन दिया, जिस पर लोकायुक्त उज्जैन ने 14 सितंबर को आंगनवड़ी केंद्र ग्राम बिलिया तहसील बड़ौद में प्रियंका चौहान को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
