
यूपी की सबसे बड़ी महापंचायत आज मुजफ्फरनगर में हो रही है। यही से संयुक्त किसान मोर्चा मिशन यूपी का बिगुल बजाएगा। उधर, अमर उजाला से खास बातचीत में युद्धवीर सिंह ने बताया कि सरकार गोलवलकर के रास्ते पर चल रही है।
मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर महापंचायत में शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में किसान मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं। महापंचायत के मंच से संयुक्त किसान मोर्चा मिशन यूपी का बिगुल बजाएगा। करीब 22 राज्यों के तीन सौ से ज्यादा संगठन और खाप चौधरी एक मंच पर एकत्र होकर जन आंदोलन शुरू करेंगे। पुलिस, पीएसी और मोर्चा के वालंटियरों ने कमान संभाल ली है।
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने, एमएसपी और अन्य मुद्दों पर किसान मोर्चा ने भाजपा सरकार की घेराबंदी के लिए महापंचायत बुलाई है। शनिवार को कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के किसान पहुंच गए हैं। पंजाबी बरातघर, राधा स्वामी सत्संग भवन, छोटूराम इंटर कॉलेज, रालोद कार्यालय और जीआईसी ग्राउंड में किसानों को ठहराया गया है।
किसान मोर्चा के सदस्य बलदेव सिंह सिरसा, युद्धवीर सिंह, जगतार सिंह बाजवा समेत अन्य पदाधिकारी पहुंच गए हैं। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने तैयारियों की जानकारी ली। पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान रविवार को पहुंचेंगे। किसानों की भीड़ को देखते हुए शहर में 10 जगह एलईडी लगाई गई है। पीएसी, पैरामिलट्री फोर्स, पुलिस और खूफिया विभाग ने डेरा जमा लिया है। आसपास के जिलों से पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। किसान मोर्चा के वालंटियरों ने व्यवस्था की कमान संभाल ली है।
18 मंडलों को मथेगा संयुक्त किसान मोर्चा
बंगाल चुनाव के बाद से सफलता के रथ पर सवार संयुक्त किसान मोर्चा ने मिशन यूपी के लिए भी पूरी तैयारी कर ली है। मोर्चा ने यूपी के सभी 18 मंडलों को मथने का रोडमैप तैयार किया है। इसके बाद उत्तराखंड को मथा जाएगा।
सरकार गोलवलकर के रास्ते पर
संयुक्त किसान मोर्चा और किसान आंदोलन के बड़े चेहरे चौधरी युद्धवीर सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि सरकार गोलवलकर के रास्ते पर चल रही है। गोलवलकर ने कहा था कि अगर सत्ता पांच फीसदी लोगों के हाथों में तो ही अच्छी तरह से चलती है। 95 फीसदी लोगों को संसाधन विहीन बनाकर रखों, संपन्नता आने से लोग विरोध करने का साहस करने लगते हैं। वर्तमान केंद्र सरकार ठीक इसी परिपाटी पर काम कर रही है। देश के संसाधनों और संस्थानों की बोली लगाई जा रही है। पश्चिम बंगाल की तरह यहां भी मिशन यूपी की तैयारी हो गई है।
वहीं अराजनैतिक होने के चलते किसी दल विशेष के लिए वोट देने को नहीं कहेगा, सिर्फ भाजपा को वोट नहीं देने की अपील करेगा। पश्चिमी बंगाल में मोर्चा ने अपनी पंचायतों में यही किया था। यहां के बाद मिशन उत्तराखंड शुरू करेंगे।
