
पुलिस ने उस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसमें गिलानी का शव पाकिस्तानी झंडे में लिपटा दिखाया गया था। वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही पुलिस शव को कब्जे में लेने के लिए आगे बढ़ी, दिवंगत अलगाववादी नेता के सहयोगियों ने झंडा हटा दिया।
कट्टरपंथी व अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी की मौत के बाद उनके शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटने और राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के आरोप में बडगाम पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने उस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसमें गिलानी का शव पाकिस्तानी झंडे में लिपटा दिखाया गया था। वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही पुलिस शव को कब्जे में लेने के लिए आगे बढ़ी, दिवंगत अलगाववादी नेता के सहयोगियों ने झंडा हटा दिया।
91 वर्षीय गिलानी का लंबी बीमारी के बाद बुधवार रात यहां उनके आवास पर निधन हो गया। शव को पास की एक मस्जिद के कब्रिस्तान में दफनाया गया। पाकिस्तान समर्थक एवं अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के शव को उनकी इच्छा के अनुसार उनके आवास के पास एक मस्जिद के कब्रिस्तान में दफनाया गया है।हालांकि उनके बेटे नईम ने कहा कि वह शव को श्रीनगर शहर के ईदगाह में दफनाना चाहते थे। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों व रिश्तेदारों के साथ ही अधिकारी भी मौजूद रहे।अधिकारियों ने कहा कि गिलानी के शव को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मस्जिद के कब्रिस्तान में दफनाया गया है। उनके करीबी सहयोगियों ने बताया कि गिलानी ने हैदरपोरा की मस्जिद में दफनाए जाने की इच्छा जताई थी।
लोगों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए पूरी घाटी में सख्त प्रतिबंध लगाए गए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई। अफवाहों और फर्जी खबरों को फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर बीएसएनएल के पोस्टपेड कनेक्शन और इंटरनेट को छोड़कर मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी गईं।
