
भोपाल। प्रदेश सरकार ने पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन को पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का अध्यक्ष बनाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर इस आयोग के गठन की घोषणा की थी। बिसेन को कैबिनेट मंत्री का दर्जा रहेगा। आयोग पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति का अध्ययन करेगा। इसके लिए विशेषज्ञों के साथ पिछड़ा वर्ग के बीच काम करने वाली संस्थाओं से जानकारी ली जाएगी। अध्यक्ष दौरा करके मैदानी स्थिति भी जानेंगे और प्रतिवेदन सरकार को सौंपेंगे।
आइसीपी केशरी को पीईबी अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार
केके सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद सरकार ने अपर मुख्य सचिव आइसीपी केशरी को प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) का अध्यक्ष बनाया है। वे अपने मौजूदा दायित्वों के साथ अतिरिक्त प्रभार के तौर पर यह जिम्मेदारी संभालेंगे। केशरी को भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में सिफारिश करने के लिए गठित सिविल सेवा बोर्ड में सदस्य बनाया गया है। उधर, 1988 बैच के आइएएस अधिकारी शैलेंद्र सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौट आए हैं। उन्हें जल्द ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
अधूरी जानकारी लेकर पहुंचे अधिकारी, गृहमंत्री ने जताई नाराजगी
लोक परिसंपत्तियों के सदुपयोग के लिए गठित मंत्री समूह की बैठक में अधिकारियों द्वारा अधूरी जानकारी के साथ पहुंचने पर गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि अगली बैठक में झांसी स्थित विश्रामगृह की भूमि से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ आएं।
सरकार ने लोक परिसंपत्तियों का सदुपयोग करने के लिए मंत्री समूह का गठन किया है। सहकारिता, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों की ऐसी परिसंपत्तियां, जिनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें नीलाम किया जा चुका है। इसी कड़ी में झांसी स्थित विश्रामगृह और नर्मदा खैरी फार्म की परिसपंत्ति को लेकर निर्णय लिया जाना है। इसको लेकर बैठक में जब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से परिसपंत्ति संबंधी दस्तावेज के बारे में पूछा गया तो वे ठीक-ठीक जानकारी नहीं दे पाए।
