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June 5, 2026
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क्राइममध्यप्रदेश

मृत लोगों के नाम पर 1 करोड़ की धोखाधड़ी

जबलपुर। मृत लोगों के नाम पर धोखाधड़ी करने का बड़ा मामला सामने आया है। चौकानेवाले इस मामले में मृत लोगों के नाम पर पेंशन ली जा रही थी। यह सिलसिला 3 साल तक चलता रहा। धोखेबाज द्वारा धोखाधड़ी कर बैंक में हर साल जिंदा होने का सबूत पेश कर रुपए निकाले जा रहे थे। बताया जा रहा है कि 14 लोगों के नाम पर निकाले 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि निकाली गई।

धोखाधड़ी के इस मामले में पूरी गैंग सक्रिय थी। गैंग के सदस्य महिला पेंशनर की मौत होने के बाद भी उनके नाम पर 3 साल बाद तक पेंशन लेते रहे। हैरानी की बात ये है कि हर साल नवंबर में होने वाले वैरीफिकेशन के समय बैंक के सामने जिंदा होने का सबूत भी उन्होंने बैंक के समक्ष प्रस्तुत किए। महिला के नाती को इसकी खबर लगी तो थाने पहुंचा। इसके बाद गिरोह की कारस्तानी सामने आई। आरोपियों ने 14 मृत लोगों के नाम पर इसी तरह से करीब 1 करोड़ रुपए की पेंशन निकाली है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में बैंककर्मियों की भी मिलीभगत हो सकती है।

शिकायत की तो मामला सामने आया

रांझी पुलिस मुताबिक चर्च गेट के पास रहने वाले साफ्टवेयर इंजीनियर योगेंद्र शर्मा की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। योगेंद्र शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसकी नानी कटनी निवासी गायत्री शर्मा शिक्षक थीं। वर्ष 2004 में रिटायरमेंट के बाद उन्हें 17 हजार पेंशन मिलती थी, लेकिन 3 साल पहले बीमारी से उनका निधन हो गया था। 3 साल पहले योगेंद्र और उसकी नानी गायत्री शर्मा की एक साथ तबीयत खराब हुई थी। दोनों हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे।

इलाज में काफी पैसा खर्च हो रहा था। अस्पताल में उसके परिचित सुशील बाघमारे, जीवन सिंह व राजकुमार नामदेव पहुंचे। तीनों ने योगेंद्र से संपर्क किया। उनकी नानी गायत्री शर्मा की पेंशन पर ढाई लाख रुपए लोन दिलाने का वादा किया। इसके बाद जरूरी दस्तावेजों पर दस्तखत कराकर ले गए। तीनों ने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 30 हजार रुपए भी लिए थे। 4 अक्टूबर 2018 में उसकी नानी का निधन हो गया। इसके चलते उसने तीनों से नानी के नाम पर लोन निकालने से मना कर दिया था। तीनों से दस्तावेज मांगे, तो ये कहते हुए टाल गए कि अब तो नानी रही नहीं तो दस्तावेज लेकर क्या करोगे।

पेंशन हर महीने निकल रही थी

योगेंद्र के मुताबिक उसे इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित एसबीआई शाखा से पता चला कि उसकी नानी की हर महीने 22 हजार रुपए की पेंशन निकल रही है। ये सुनकर वह चौंक गया। उसने अपने स्तर पर छानबीन की, तो पता चला कि जीवन, सुशील और राजकुमार ने कुछ बैंक कर्मियों के साथ मिलकर फर्जी महिला को गायत्री शर्मा बता कर पेंशन निकाल रहे हैं। उसकी नानी का पेंशन खाता कटनी से जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित एसबीआई में ट्रांसफर करा लिया। हर साल नवंबर में होने वाले वैरीफिकेशन के दौरान भी कभी कोई दिक्कत नहीं आई।

फर्जीवाड़ा लगभग एक करोड़ का

रांझी टीआई आरके मालवीय के मुताबिक, ठगी का ये अनूठा मामला है। इंजीनियरिंग कॉलेज और अधारताल स्थित SBI के दो बैंकों से इसी तरह 14 मृत लोगों के नाम पर ये गैंग पिछले कई वर्षों से इसी तरह पेंशन निकाल रही है। इसमें कुछ बैंक वाले भी शामिल हैं। तीनों आरोपी आधी रकम खुद रखते थे, तो आधी रकम बैंक वालों को देते थे। टीआई के मुताबिक, इस प्रकरण में बैंक वाले भी आरोपी बनेंगे। आरोपियों की तलाश जारी है। ये पूरा फर्जीवाड़ा लगभग एक करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है। प्रकरण के तीनों आरोपी कांचीपुरम कॉलोनी मढ़ई निवासी सुशील वाघमारे, इंद्रा नगर भूमिया निवासी जीवन सिंह ठाकुर व महाराजपुर अधारताल निवासी राजकुमार नामदेव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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