इंदौर। बंटी बबली के नाम से मशहूर हुए ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले युवक युवती को पुलिस ने पकड़ लिया है दोनों उम्रदराज लोगों को अपने जाल में फंसा कर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। आकाश व अंजली ने 6 माह पहले ही गैंग बनाई। आकाश लालबाग स्थित जिम में ट्रेनर था। यहां अंजली भी आती थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई तो जल्द रुपए कमाने के लिए दोनों ने ये काम शुरू कर दिया।
पुलिस की पकड़ में आने के बाद युवती ने बताया वह दिनभर ऐसे लोगों को ढूंढती जो भोले स्वभाव के होते हैं। उनका नंबर जुगाड़ कर अकेले में मिलने बुलाती। इसके बाद युवक खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर मोबाइल में वीडियो बनाता। कार्रवाई के नाम पर फोन पर एक दीया मैडम नाम की महिला से बात कराता। पुलिस दीया नाम की महिला की भी तलाश कर रही है।
पूरा मामला
दो माह पूर्व विजय नगर इलाके में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग LIC एजेंट के साथ ठगी का मामला सामने आया था। मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। युवती ने बुजुर्ग को बीमा कराने के नाम पर बुलाया। दो बदमाशों ने क्राइम ब्रांच का अफसर बनकर दोनों को रोका और बुजुर्ग के साथ मारपीट कर कहा कि लड़की घुमाते हो। युवती के साथ वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर बदमाशों ने 2 लाख रुपए ले लिए। पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि मेघदूत गार्डन में युवक-युवती फर्जी क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर लोगों को लूटने का काम कर रहे है।

टीआई तहजीब काजी के मुताबिक युवती एकता चौहान और युवक आकाश गायकवाड़ ने एलआईसी एजेंट को एक माह पहले फोन पर बीमा कराने के लिए संपर्क किया। फिर युवती ने उन्हें जुलाई में मेघदूत पार्क मिलने बुलाया। जब दोनों बैठे थे, तब आकाश क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर पहुंचा। पहले एलआईसी एजेंट को थप्पड़ मारे। फिर मोबाइल में लड़की के साथ वीडियो बना लिया। फिर थाने ले जाकर कार्रवाई करने के नाम पर 2 लाख 40 हजार रुपए ले लिए।
उम्रदराज लोगों को शिकार बनाते थे
युवक एवं युवती (बंटी बबली) इतने शातिर थे कि सोशल मीडिया के माध्यम से सिर्फ उम्रदराज लोगों को ही अपना शिकार बनाते थे। आरोपी ने कहा कि कम उम्र के युवा सिर्फ मौज मस्ती और शेर सपाटा करने के लिए दिखावा करते हैं। लेकिन अधेड़ उम्र के लोगों के पास रुपया होता है और एक उम्र बाद वह लड़कियों से दोस्ती और बातचीत करने के शौकीन हो जाते हैं। इस कारण से अधेड़ उम्र के लोगों को शिकार बनाना आसान होता था। आरोपियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर वह व्यक्ति की प्रोफाइल देख कर और जब उससे बातचीत बढ़ जाती थी तब उसकी उम्र पूछा करते थे और फिर उससे मिलने के लिए बुलाया करते थे।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
ठगी का शिकार हुए हरिनिवास शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह भारतीय जीवन बीमा का एजेंट हैं। कुछ दिनों पहले अंजलि नाम की युवती का फोन आया। उसने बीमा के लिए बात की। युवती का कहना था कि वह एजेंट को अपने घर नहीं ले जा सकती है, इसलिए महिला ने बुजुर्ग को पाटनीपुरा क्षेत्र में मिल जाइए। इसके बाद युवती एजेंट से कुछ देर बाद मिली और बीमे की बात करने के बाद उसे फिर परदेसीपुरा छोड़ने के लिए कहा। जब बुजुर्ग उसे छोड़ने जाने लगा तो युवती ने एजेंट हरिनिवास शर्मा से कहा कि मैंने सुबह से खाना नहीं खाया है।
इसके बाद बुजुर्ग विजय नगर थाने के पास शर्मा स्पीड पर उसे जूस पिलाने के लिए ले गया। जैसे ही वह परदेशीपुरा के लिए रवाना हुआ सयाजी होटल के समीप एक गार्डन पर दो अज्ञात बदमाश आ गए और बुजुर्ग के साथ मारपीट की। उसका वीडियो बनाकर झूठे केस में फंसाने की बात कही। बदमाश बदनाम करने की धमकी देकर दो लाख रुपये मांगने लगे।हरिनिवास घबरा गए और बेटे विवेक को कॉल कर कहा दो लाख रुपयों की जरूरत है। विवेक ने क्रेडिट कार्ड स्वैप कर एक लाख 90 हजार रुपयों की व्यवस्था कर आरोपियों को दे दिए।
