
ओलावृष्टि से फसलों का भारी नुकसान : नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने मुआवजा देने की घोषणा की है। आरबीसी की धाराओं के अंतर्गत किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके पहले अधिकारी गांव में फसल सर्वेक्षण का कार्य कार्य करेंगे।
ओलावृष्टि से फसलों का भारी नुकसान; कलेक्टरों को सर्वे कराने के निर्देश दिए
मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि से फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन कराया जा रहा है इसके लिए सभी कलेक्टरों को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। प्रतिवेदन आते ही किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कही।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिन से प्रदेश में कई स्थानों पर ओलावृष्टि होने की सूचना प्राप्त हुई है। इससे गेहूं, चना, अरहर और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सहायता पहुंचाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
आरबीसी की धाराओं के अंतर्गत तत्काल मिलेगा मुआवजा
CM शिवराज सिंह चौहान ने सभी कलेक्टरों को सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। नुकसान के आकलन के आधार पर राजस्व परिपत्र पुस्तक और फसल बीमा के प्रविधान के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस प्रकार होगा नुकसान व मुआवजे का आकलन
राजस्व परिपत्र पुस्तक की धाराओं के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य आकस्मिक घटनाओं के दौरान मुआवजा देने का प्रावधान है। नुकसान का आकलन मौके पर स्थिति को देखकर किया जाता है। इसके लिए राजस्व विभाग के प्रतिनिधि के तौर पर हल्का पटवारी एवं कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी (ग्राम सेवक) मौके पर पहुंचकर फसलों का मौका मुआयना करते हैं। इस दौरान गांव के अन्य वरिष्ठजन पंच सरपंच, गांव के पटेल भी रहते हैं। सभी की उपस्थिति में नुकसान का पंचनामा तैयार किया जाता है। इस पंचनामा के आधार पर ही तहसील कार्यालय में फाइल संपादित की जाती है। जिसके अनुसार ही तहसील कार्यालय द्वारा मुआवजे की राशि स्वीकृत की जाती है।
किसान इन बातों का पर ध्यान दें
फसल नुकसान के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मौका पंचनामा होता है। हल्का पटवारी, ग्राम सेवक, पटेल एवं पंच-सरपंच की उपस्थिति में बनाया गया यह पंचनामा मुआवजे की राशि निर्धारित करने की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। इसलिए किसान विशेष तौर पर पटना में पर ध्यान दें पंचनामें पर ध्यान दें। क्योंकि कई मर्तबा पंचनामे में हेर-फेर होने के कारण नुकसान का पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल पाता है। इसलिए किसान भाई हो सके तो मौके पर जो पंचनामा बनाया जाता है उसकी एक प्रति ले लें।
