
भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल में कोरोना की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कोरोना की जांच ही नहीं हुई और रिपोर्ट नेगेटिव बता दी गई। चौराहों पर राहगीरों को रोककर उनके नाम और नंबर पूछ लिए गए और बिना स्वाब लिए उनके नंबर पर अगले दिन निगेटिव रिपोर्ट भेज दी गई।
कोटरा सुल्तानाबाद में कबाड़ में 300 लिस्ट मिली थी, इसी लिस्ट से खुलासा हुआ है कि भोपाल में लोगों की जांच किए बिना ही निगेटिव रिपोर्ट भेजी जा रही है। यहां तक कि जो लोग जेपी अस्पताल में इलाज कराने जा रहे हैं, उनके नाम भी सड़क-चौराहों पर रोककर रैंडम जांच करने की लिस्ट में लिखे जा रहे हैं। इस पूरे मामले में सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी कुछ बोलने को ही तैयार नहीं है।
रोजाना थोक बंद जांच का दावा किया
राजधानी भोपाल में CMHO ऑफिस की तरफ से रोजाना 5500 से 6 हजार कोरोना संक्रमण की जांच करने का दावा किया जा रहा है। यह जांच फीवर क्लीनिक, रेलवे स्टेशन और मैजिक वाहनों से चौक-चौराहे पर की जा रही है। इसी में से एक मैजिक वाहन की रेंडम कोरोना जांच के सैंपल में लोगों के नाम और मोबाइल नंबर और SRF ID लिखी हुई 300 से ज्यादा लोगों के नाम की 13 शीट कोटरा सुल्तानाबाद में रविवार को कबाड़ में मिली थी। यह सैंपल शनिवार को अयोध्या बाइपास के पास लिए गए थे। इस लिस्ट में दिए नंबरों पर कॉल करने पर पता चला कि जांच के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
