
रतलाम। चरित्र शंका को लेकर पति ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। मामला रतलाम जिले का है। दोनों ने लव मैरिज की थी। इनके दो बच्चे हैं, जो 6 वर्ष एवं 4 वर्ष के हैं। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
नामली में विवाहित महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पति ही हत्यारा निकला है। 4 जुलाई को नामली के जावरा रोड स्थित एक मकान में दो बच्चों के साथ सो रही विवाहित महिला आरती सिंह का शव मिला था । जिसके बाद पोस्टमार्टम में महिला की मौत गला दबाकर किये जाने की पुष्टि होने के बाद नामली थाना पुलिस ने मृतिका आरती सिंह के पति रंजीत सिंह पर शक होने पर पूछताछ की तो मामला चरित्र शंका में हत्या का निकला है । पुलिस ने आरोपी पति रंजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। दरअसल पति को महिला के चरित्र पर शंका थी और पत्नी दिन भर मोबाइल पर व्यस्त रहती थी। जिससे नाराज होकर पति रंजीत सिंह ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
पूरी घटना
नामली में 4 जुलाई की सुबह पुलिस को सूचना मिली थी की जावरा रोड स्थित एक मकान में अपने दो बच्चों के साथ कमरे में सो रही महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। नामली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतिका आरती सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। घटना के वक्त मृतिका का पति रंजीत सिंह खेत पर गया हुआ था। जबकि 4 वर्ष की बेटी और 6 वर्ष का बेटा घर पर ही मां के साथ थे।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि रंजीत सिंह और आरती ने 2014 में प्रेम विवाह किया था। जिसके बाद से ही वह किराए के मकान में रह रहे थे। मृतिका आरती सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद जब पुलिस ने रंजीत सिंह कि मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की जांच पड़ताल के बाद सख्ती से पूछताछ की तो रंजीत सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।आरोपी रंजीत सिंह ने बताया की उसकी पत्नी घंटो तक किसी से फोन पर बात किया करती थी वह जब भी उसको फोन लगाता तो उसका फोन बिज़ी आता था जिसके कारण उसे पत्नी के चरित्र पर शंका हो गई थी।
बेसहारा हो गए बच्चे
मृतिका आरती और रंजीत के दो बच्चे है। बेटा तेजवीर 6 वर्ष और पुत्री तेज कुंवर 4 वर्ष के हैं। लेकिन अब इन बच्चों की मां की मौत के बाद पिता भी हत्या के जुर्म में गिरफ्तार हो चुका है । रंजीत और आरती ने 2014 में प्रेम विवाह किया था जिसकी वजह से आरती के परिवार वालों ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया था । वही रंजीत भी परिवार से अलग किराए के मकान में रहता था। ऐसे में यह मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। फिलहाल यह बच्चे रंजीत सिंह के परिजनों के पास है।
परिवार वालों ने मुंह मोड़ा
पुलिस ने किराए के मकान से बरामद शव को प्रथम दृष्टा संदिग्ध मानते हुए पंचनामा बनाकर शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा था। इसके बाद मृतिका आरती राजपूत 27 वर्ष के मायके पक्ष को भी पुलिस ने इस मामले में बयान के लिए बुलाया था, लेकिन मृतिका ने प्रेम विवाह कर अपने पति के साथ रह रही थी। इस कारण मायके पक्ष ने पुलिस ये कहते हुवे बयान देने से इंकार कर दिया था कि इसने परिवार के विपरीत कदम उठाकर प्रेम विवाह करने पर यह जब से हमारे बिना बोले घर से कदम उठा कर चली गई थी, उस दिन से हमारे लिए मर गई है।
