
खंडवा में नवजात शिशु की खरीद-फरोख्त के मामले में मुख्य आरोपी सौरभ सोनी का अपहरण कर फिरौती मांगने के आराेपी पत्रकार देवेंद्र जायसवाल की अधिमान्यता खत्म होगी।
खंडवा। नवजात शिशु की खरीद-फरोख्त का मामला बच्चे की देखभाल करने वाली महिला ने कथित पत्रकारों के सामने उजागर किया था। जिस पर पत्रकारों ने अस्पताल प्रबंधन से मामला दबाने के लिए 50 लाख की डिमांड की। बताया जाता है कि 20 लाख रुपए अस्पताल प्रबंधन की ओर से पत्रकारों को दे दिए गए थे। सोमवार को घटित होने वाले इस सनसनीखेज मामले में अब पत्रकारों के खिलाफ बी एफ आई आर दर्ज हुई है।
चार मीडियाकर्मियों , देवेंद्र जायसवाल, सदाकत पठान, अजीत लाड़ और यूट्यूबर राज पिल्लई ने डाक्टर से 20 लाख रुपये वसूले। दो लाख पच्चीस हजार रुपये लेने के बाद 17 लाख 75 हजार रुपये के लिए चेक लिए थे। बताया जाता है कि बची रकम के लिए इन्होंने डाक्टर सौरभ सोनी और उसके दो कर्मचारियों का अपहरण कर उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने आरोपित मीडियाकर्मियों पर अपहरण, फिरौती सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
पत्रकार की अधिमान्यता होगी खत्म
जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त कलेक्टर व प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी पीके पांडे ने बुधवार को जनसंपर्क भोपाल को पत्र लिखकर आरोपी देवेंद्र जायसवाल की अधिमान्यता निरस्त करने के लिए उचित निर्णय लेने को कहा है। इधर जनसंपर्क विभाग ने देवेंद्र जायसवाल, अजीत लाड़, मल्ली उर्फ राज पिल्लै व सदाकत पठान के खिलाफ अपहरण, फिरौती सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज होने के बाद उनके नाम जनसंपर्क की सूची से भी हटा दिए हैं।
