
आईसीएमआर द्वारा कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। वैज्ञानिक भी इस ओर संकेत कर रहे हैं कि अगस्त माह के दूसरे पखवाड़े या सितंबर में कोरोना की तीसरी लहर आएगी। इस बीच ग्वालियर में बच्चों में कोरोना संक्रमण पाए जाने से कोरोना की तीसरी लहर की आशंका होने लगी है। इससे स्थानीय स्वास्थ्य एवं प्रशासन सतर्क हो गया है।
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक मानी जा रही है। साेमवार काे शहर में कुल 2535 सैंपलों की जांच में भितरवार ब्लॉक के रई में 14 महीने, मछरैया गांव की 8 महीने की बच्ची और मोहनगढ़ गांव की 5 माह की एक बच्ची के साथ ही ग्वालियर में भी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला है। हालांकि राहत भरी बात यह है कि संक्रमित मिलीं बच्चियों के परिजन के भी सैंपल हुए हैं जो निगेटिव आए हैं। इधर सीएमएचओ डा. शर्मा ने तीसरी लहर की शुरूआत होने की बात से इनकार करते हुए बच्चियों को संक्रमण कहां से हुआ, इसका पता लगाने मंगलवार को दोनों के गांव में जांच टीम भेजने की बात कही है।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें पालक
विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बता रहे हैं इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पालक सजग रहें। यह संकेत ग्वालियर में मिले बच्चों के संक्रमण से भी मिल रहे हैं। 14 महीने की बच्ची को कमजोरी के कारण और 8 महीने की बच्ची को बुखार व दस्त लगने की शिकायत के कारण परिजन इलाज कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भितरवार पहुंचे थे। यहां रेपिड एंटीजन टेस्ट में दोनों को कोरोना होने की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को इसकी जानकारी दी। सीएमएचओ ने जीआरएमसी के पीडियाट्रिक विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गौड़ से चर्चा कर बच्चियों को जयारोग्य चिकित्सालय में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सामने कोविड मरीजों के लिए बने टीबी अस्पताल में और एक बच्ची को शिवपुरी में भर्ती कराया। जिस बच्ची को शिवपुरी में भर्ती कराया गया है, वह वहीं की रहने वाली है।
