
प्रदेश में कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं अन्य 10 कांग्रेसियों के खिलाफ भोपाल के औद्योगिक थाना क्षेत्र में आज एफ आई आर दर्ज हुई है। सभी पर आरोप है कि उन्होंने प्रशासनिक गाइडलाइन के बावजूद धरना प्रदर्शन किया। जिस पर शासकीय आदेशों का उल्लंघन करने के मामले में FIR दर्ज की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व CM समेत कांग्रेस के 10 बड़े नेताओं और करीब 200 अन्य लोगों पर FIR हुई। कांग्रेस नेता औद्योगिक जमीन आवंटन को लेकर भोपाल में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में RSSकी लघु उद्योग भारती संस्था को कार्यालय बनाने के लिए 10हजार वर्ग फुट जमीन आवंटन पर कांग्रेस ने आपत्ति ली और प्रदर्शन का ऐलान किया,जिससे इंडस्ट्रीज एरिया को छावनी में तब्दील कर दिया गया।कांग्रेस का आरोप है कि उक्त जमीन पर पार्क है तथा इंडस्ट्रीज के 95% लोग आवंटन के खिलाफ है,हम उनके साथ है,जमीन देना ही है तो अन्य जगह पर दे ।

उक्त जमीन पर रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शिलान्यास किया गया। वही डीआईजी इरशाद वली और दिग्विजय सिंह के बीच इस दौरान तीखी नोकझोंक भी हुई,कांग्रेसी जब बेैरिकेड पर चढ़कर अंदर जाने की कोशिश करने लगे तो डीआईजी ने लाठी थामी,वहीं पुलिस द्वारा वाटर कैनन से पानी की बौछार एवं हल्का बल प्रयोग भी किया।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र का पार्क जिसमें मैंने, बाबूलाल जी गौर ने स्वयं शिवराज मामू ने पौधे लगाए उसे मामू ने लघु एवं मध्यम उद्योग भारती को औद्योगिक क्षेत्र असोसिएशन के विरोध के बाद भी करोड़ों की भूमि ₹१ में दे दी। यह एक मात्र पार्क है जिसमें मज़दूर दोपहर में भोजन करते हैं।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भोपाल डीआईजी का कहना हैं कि कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन कर प्रदर्शन करने वालों को चिन्हित कर FIR भी दर्ज की जाएगी। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया का कहना था कि उद्योग विभाग ने लघु उद्योग भारती संस्था को खाली जमीन का आवंटन किया है।
वहीं कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि”ये मत भूलिए कि कल के बाद परसों भी आता है” ।
