
मध्य प्रदेश के सीधी जिले की सिहौलीय ग्राम पंचायत में गोशाला में 3 महीने के अंदर 61 गायों की मौत का मामला सामने आया है । महिला समूह की महिलाओं का कहना है कि मवेशियों को चारा भूसा समय पर नहीं मिलने से 61 गायों की भूख से मौत हो गई है। महिला समूह ने मामले की शिकायत में जिला अधिकारी से की है । महिला समूह ने आरोप लगाते हुए बताया कि 10 महीने से गोशाला भुगतान नहीं हुआ है। महिला समूह के शिकायत के बाद जिला प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है तथा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

पूरा मामला सीधी जिले के सिहावल ब्लॉक अंतर्गत सिहौलीय ग्राम पंचायत क्षेत्र का है, जहां लाखों की लागत से शासन की योजना से गौशाला बनाया गया था। जहां क्षेत्र के आवारा मवेशियों को रखा गया है तथा इसके रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सिहौलीय व एक महिला स्व सहायता समूह को दी गई है । इस गौशाला में 100 से ज्यादा मवेशी रजिस्टर्ड कर गौशाला में रखे गए थे,लेकिन 3 महीने के अंदर अब तक इस गौशाला से करीब 61 गायों की मौत हो चुकी है लेकिन इस पूरे मामले की स्थानीय प्रशासन को अभी तक जानकारी नहीं है, ना ही इस मामले की जांच हो सकी है।

समय पर मेवेशियों को चारा भूसा न मिलने से भूख की वजह से गायों की हुई मौत
समूह की महिलाओं का कहना है कि समय पर मेवेशियों को चारा भूसा न मिलने से भूख की वजह से 61 गायों की मौत हुई है। पंचायत से सामग्रियों की मांग की जाती रही, लेकिन समय पर नहीं मिलता था बताया जाता है कि ये सारी मौतें प्रशासनिक बदइंतजामी की वजह से हुई हैं।बताया जाता है कि यहां काम कर रहे महिला समूह को भी 10 महीने से भुगतान नहीं मिला है।आरोप है कि महिला समूह का पैसा पंचायत कर्मी रोके हुए हैं।
महिला समूह ने मामले की शिकायत कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से की है। गोशाला में गायों की मौत की शिकायत सुन अधिकारी हैरान रह गए और आनन-फानन में मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा देने लगे।जिला पंचायत CEO स्वीकार कर रहे हैं कि गौशाला में गायों की मौत और भुगतान न होने की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
