
जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत खटखरी पुलिस चौकी में पदस्थ आरक्षक वरुण तिवारी ने बुधवार की शाम तकरीबन 4 बजे चौकी से महज 50 मीटर दूर स्थित अपने कमरे में अज्ञात कारणों से फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो दो महीने पहले आरक्षक को शहर के चोरहटा थाने से देहात के शाहपुर थाने भेजा गया था। फिर कुछ दिन बाद आरक्षक की पदस्थापना खटखरी चौकी में कर दी गई थी।
वह रोजाना ड्यूटी करता था, लेकिन बुधवार को जब वह चौकी पर नहीं पहुंचा तो खोजबीन की गई। कुछ पुलिसकर्मी थाने के पास स्थित कमरे में पहुंचे तो वह फांसी के फंदे से लटक रहा था। तुरंत मामले की सूचना चौकी प्रभारी सहित थाना प्रभारी को दी गई। कुछ देर बाद वरिष्ठ अधिकारियों तक बात पहुंची तो सबके होश उड़ गए। आनन फानन में घटनास्थल पर एएसपी, एसडीओपी सहित थाना प्रभारी मौके पर पहुंच चुके है। आरक्षक द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल को न केवल सुरक्षित किया बल्कि पुलिस कप्तान के निर्देश पर एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। जिनके द्वारा मौके पर मौजूद साक्ष्य को इकट्ठा करने के उपरांत आरक्षक के शव को नीचे उतारा गया। शव को पीएम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊगंज भेज दिया गया है। पुलिस के अधिकारियों ने मृतक आरक्षक के परिजनों व फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया है।
एएसपी मऊगंज विजय डाबर ने बताया कि खटखरी चौकी में पदस्थ आरक्षक वरुण तिवारी मूलत: सतना जिले का रहने वाला है। वह अज्ञात कारणों से अपने आवास पर बुधवार की दोपहर करीब 3.30 बजे फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है। घटनास्थल को बाहर से देखने पर आत्महत्या समझ में आ रही है। ऐसे में परिजनों को सूचना भेजवा दी गई। साथ ही फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया है। जब तक परिजन घटनास्थल पर नहीं पहुंच जाते तब तक मृत आरक्षक का शव फंदे से नहीं उतारा जाएगा।
आरक्षक ने अंदर से बंद कर रखा है दरवाजा एफएसएल के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. आरपी शुक्ला ने बताया है कि आरक्षक ने सुसाइड से पहले कमरे को अंदर से बंद कर रखा है। ऐसे में कमरे का मुख्य गेट का दरवाजा बंद है। पुलिस अधिकारी खिड़की से आरक्षक को फंदे से लटकते हुए देख रहे है। अब पुलिस को परिजनों का इंतजार है। जैसे ही वे लोग पहुंच जाएंगे। कमरा का दरवाजा तोड़ आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
मृतक वरुण तिवारी के कमरे से मिले मोबाइल से पता चला है कि आत्मघाती कदम उठाने के पहले वरुण ने खाना खाया था साथ ही उसने रीवा के अपने मित्र से करीब 45 मिनट बात की थी। लेकिन बातचीत के तकरीबन आधे घंटे बाद वरुण तिवारी ने फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
पुलिस विभाग की माने तो घटनास्थल से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है। साथ ही अरुण तिवारी ने किसी भी प्रकार की समस्या होने की बात अपने किसी भी साथी या थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी को नहीं बताया है।
